डिजिटल गिरफ्तारी और फर्जी ट्रेडिंग ऐप गिरोह पर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पीड़ितों को लौटाए 26.97 लाख रुपये
Thane Digital Arrest Scam News: मीरा-भाईंदर साइबर पुलिस ने डिजिटल गिरफ्तारी और फर्जी शेयर ट्रेडिंग ऐप के जरिए हुई ऑनलाइन ठगी के मामलों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए पीड़ितों को 26.97 लाख वापस दिलाए।
- Written By: आंचल लोखंडे
Digital Arrest Scam (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Mira Bhayandar Cyber Police News: मीरा- भाईंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत कार्यरत साइबर पुलिस ने डिजिटल गिरफ्तारी और फर्जी शेयर ट्रेडिंग ऐप के जरिए हुई करोड़ों की ऑनलाइन ठगी के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को कुल 26 लाख 97 हजार 216 रुपये की राशि वापस दिलाने में सफलता हासिल की है। साइबर पुलिस की तत्परता, बैंक खातों की तकनीकी जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से यह रकम बरामद की गई।
डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर महिला से ठगी 18.97 लाख रुपये वापस
मीरारोड पूर्व के नयानगर पुलिस थाना क्षेत्र निवासी श्रीमती वर्मा को व्हाट्सएप पर पुलिस की वर्दी पहने एक अज्ञात व्यक्ति का वीडियो कॉल आया। आरोपी ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि वह चर्चित नरेश गोयल मामले में शामिल हैं और जांच से बचने के लिए उन्हें पैसे देने होंगे। भयभीत होकर महिला ने आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में बड़ी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी।
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26.97 लाख रुपये पीड़ितों को लौटाए
बाद में ठगी का एहसास होने पर नयनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया तथा साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराया गया।जांच के दौरान साइबर पुलिस ने 12 संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी जुटाई। लगातार समन्वय और पत्राचार के बाद 4 बैंक खातों में रकम फ्रीज कराई गई। न्यायालय में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के बाद साइबर पुलिस ने शिकायतकर्ता को 18 लाख 97 हजार 216 रुपये की राशि वापस दिलाई।
फर्जी शेयर ट्रेडिंग ऐप से ठगी, पीड़ित को 4.50 लाख रुपये लौटे
मीरारोड पुलिस थाना क्षेत्र निवासी श्री सिंह ने टेलीग्राम पर अधिक मुनाफे का लालच देने वाला ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग ऐप का विज्ञापन देखा था। निवेश के नाम पर उन्होंने ऐप में बड़ी रकम जमा कर दी, लेकिन बाद में न तो रकम वापस मिली और न ही कोई लाभ।इस मामले में साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। जांच में 5 अलग-अलग बैंक खातों में धोखाधड़ी की रकम रोकी गई। न्यायालयीन आदेश के बाद साइबर पुलिस ने लगातार बैंक समन्वय कर पीड़ित के मूल खाते में 4 लाख 50 हजार रुपये वापस जमा कराए।
आईपीओ और ट्रेडिंग ऐप के नाम पर ठगी, 3.50 लाख की रिकवरी
काशीमीरा पुलिस थाना क्षेत्र निवासी श्री भाटिया सोशल मीडिया पर आए आईपीओ निवेश के विज्ञापन के झांसे में आ गए। आरोपियों ने उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेश कराया। जब उन्होंने पैसे निकालने का प्रयास किया तो पता चला कि उनके साथ साइबर धोखाधड़ी हुई है। शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने 6 बैंक खातों में रकम होल्ड कराई और न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी कर पीड़ित को 3 लाख 50 हजार रुपये वापस दिलाए गए।
ऐसे ऑनलाइन जाल से बचने की सलाह
साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर भारी मुनाफे का दावा करने वाले विज्ञापनों पर भरोसा न करें। किसी भी ट्रेडिंग ऐप, आईपीओ योजना, क्रिप्टोकरेंसी या निवेश प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें और वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।
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पुलिस के अनुसार, ठग पहले लोगों को टेलीग्राम चैनल और व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ते हैं, फिर फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट और नकली सेबी प्रमाणपत्र दिखाकर विश्वास जीतते हैं।इसके बाद निश्चित और ऊंचे रिटर्न का लालच देकर निवेश कराते हैं और रकम हड़प लेते हैं। साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग, ओटीपी और वित्तीय जानकारी साझा न करें। ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
यह पूरी कार्रवाई संदीप डोइफोडे, मदन बल्लाल के मार्गदर्शन में की गई। साइबर पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी एवं पुलिस निरीक्षक प्रकाश सावंत सहित स्वप्निल वावल, माणिकराव कतुरे, वैभव धनवाडे, माधुरी धिंदे, स्नेहल पुणे, सावन शेवाले, कुणाल सावले, विलास खाटिक, प्रवीण सावंत, सुवर्णा माली, राहुल बान, शुभम कांबले और राजेश भरकड़े ने जांच और रकम रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
