तपोवन वृक्षकटाई पर शिंदे सेना आक्रामक, अपनी ही सरकार के खिलाफ महायुति का घटक दल

Environmental Protest Nashik: नाशिक के तपोवन में प्रस्तावित वृक्ष कटाई के विरोध में शिवसेना (शिंदे गुट) ने अपनी ही सरकार के खिलाफ आक्रामक आंदोलन करते हुए प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।
तपोवन वृक्षकटाई पर शिंदे सेना आक्रामक
तपोवन वृक्षकटाई पर शिंदे सेना आक्रामक
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Tapovan Tree Cutting: नासिक के तपोवन परिसर में प्रस्तावित वृक्ष कटाई के निर्णय को लेकर अब राजनीतिक दल भी आक्रामक होते दिख रहे हैं। प्रशासन के इस फैसले के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शिवसेना (शिंदे गुट) ने आंदोलन करते हुए वृक्षों की प्रस्तावित कटाई का तीव्र विरोध किया। महायुति के ही एक घटक दल द्वारा आंदोलन किए जाने से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

पिछले कुछ दिनों से तपोवन में वृक्षों की कटाई के विरोध में विभिन्न संगठन, पर्यावरण प्रेमी और वृक्षप्रेमी आंदोलन कर रहे हैं और इस निर्णय को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। तपोवन परिसर में शिंदे सेना के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए और विरोध दर्शाने वाली तख्तियां लेकर जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान “वृक्ष कटाई बंद करो, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतो” की चेतावनी भी दी गई।

प्रशासन पर उठाए सवाल

संतप्त कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक गुस्से के रूप में करवत (आरी) और कुल्हाड़ी जलाकर यह संदेश दिया कि वृक्षों की कटाई का कोई भी प्रयास सफल नहीं होने दिया जाएगा। आंदोलन की तीव्रता देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए शहर पुलिस ने भारी पुलिस बल तैनात किया। दंगा नियंत्रण पथक भी मौके पर मौजूद रहा। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। नासिकवासियों की निगाहें इस विवाद के अगले मोड़ पर टिकी हैं।

तपोवन वृक्षकटाई पर शिंदे सेना आक्रामक

वृक्ष हमारे भाई हैं...

इस अवसर पर शिंदे सेना के नेता अजय बोरस्ते ने कहा कि यह मुद्दा अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण है तथा इसमें राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “यदि पेड़ ही नहीं रहेंगे तो क्या होगा? साधु-संत यहां पेड़ काटकर साधुग्राम बनाने के लिए तैयार नहीं होंगे।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस मामले को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संज्ञान में लाएंगे और प्रशासन से इस निर्णय को लेकर स्पष्टीकरण मांगेंगे। उन्होंने प्रशासन की भूमिका को संदिग्ध भी बताया। इस दौरान शिंदे सेना की महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने वृक्षों की ‘ओवालणी’ (आरती) कर उन्हें राखियां बांधीं और कहा कि ये वृक्ष हमारे भाई हैं तथा इन पर कुल्हाड़ी नहीं चलने दी जाएगी।

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