विज्ञापनों में तेजी, जमीन पर सुस्ती: नासिक प्रॉपर्टी बाजार में 9,202 कम हुए संपत्ति पंजीकरण
Nashik Housing Demand: नासिक रियल एस्टेट की तेजी के दावों के बीच संपत्ति पंजीकरण के आंकड़े गिरावट दिखा रहे हैं। 11 महीनों में 9,202 दस्त कम हुए, महंगे घर, बढ़ी ब्याज दर व 1 BHK की कमी बड़ी वजह बनी।
- Written By: अंकिता पटेल
Nashik Real Estate Slowdown ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Real Estate Slowdown: नासिक शहर में स्थिल एस्टेट क्षेत्र के तेजी में होने की जो तस्वीर पेश की जा रही है, वह केवल विज्ञापनों तक सीमित दिखाई दे रही है। मुद्रांक शुल्क एवं पंजीयन विभाग के पिछले 11 महीनों के आंकड़े बताते हैं कि नासिक में संपत्ति के सौदों को बड़ा झटका लगा है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस अवधि में कुल 9 हजार 202 दस्त कम पंजीकृत हुए हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अगस्त, सितंबर, दिसंबर और जनवरी के दौरान दस्त पंजीकरण में उल्लेखनीय कमी आई है।
इस गिरावट के पीछे विशेषज्ञों ने कई प्रमुख कारण बताए हैं निर्माण सामग्री के बढ़ते दाम और रेडी रेकनर दरों में वृद्धि ने घर खरीदना महंगा कर दिया है। बैंकों द्वारा ऋण पर बढ़ाई गई ब्याज दरों के कारण पहली बार घर खरीदने वाले अपने निर्णय टाल रहे हैं।
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बिल्डरों द्वारा कीमतों को जरूरत से ज्यादा बढ़ा देना भी ग्राहकों को पीछे धकेल रहा है। बाजार में 3 BHK फ्लैट्स की भरमार है, जबकि मध्यम वर्ग के लिए किफायती 1 BHK घरों की भारी कमी है। रियल एस्टेट कारोबारियों का मानना था कि त्योहारों के सीजन में बाजार गति पकड़ेगा, लेकिन उम्मीद के मुताबिक प्रतिसाद नहीं मिला।
मार्केट रिपोर्टः एक नजर में
कुल गिरावट: 9,202 दस्त। पिछले वर्ष के मुकाबले
सर्वाधिक प्रभावित महीने: अगस्त, सितंबर, दिसंबर और जनवरी।
प्रमुख बाधाएं: ऊंची ब्याज दरें, हिंडन चार्जेस, और 1BHK की कमी।
बाजार का रुखः खरीदार वेट एंड वाँच की स्थिति में,
भविष्यः सरकारी नीतियों और ब्याज दरी पर निर्भर
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नासिक में प्लॉट की कीमतें और पार्किंग जैसे छिपे हुए शुल्क आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गए है। इमारतें खड़ी है, लेकिन फ्लैट नहीं बिक रहे। विज्ञापनी में दिखाया जाने वाला ‘बूम’ केवल एक दिखावा है, हकीकत में मंदी छाई हुई है।
– रियल एस्टेट एजेंट, लखन विश्वकर्मा
