Budget 2026 में रियल एस्टेट, महिलाओं और निवेशकों के लिए क्या होगा खास?

Budget 2026 Expectations: बजट 2026 से रियल एस्टेट सेक्टर, महिलाओं और निवेशकों को बड़ी उम्मीदें हैं। एक्सपर्ट्स ने अफोर्डेबल हाउसिंग की सीमा बढ़ाने और टैक्स में राहत देने की मांग सरकार के सामने रखी है।
Budget 2026: Real Estate, Women and Investors Share Key Expectations for Union Budget
बजट 2026 से रियल एस्टेट सेक्टर, महिलाओं और निवेशकों की उम्मीदें (सोर्स-AI डिज़ाइन)
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Sector Expectations For Union Budget: केंद्र सरकार 1 फरवरी को अपना आगामी आम बजट 2026-27 पेश करने की पूरी तैयारी कर रही है। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने केंद्रीय बजट से सेक्टर की उम्मीदें को लेकर अपनी महत्वपूर्ण राय दी है। मध्यम वर्ग के लिए टैक्स में राहत और रियल एस्टेट में सुधार की मांग इस बार काफी तेज हो गई है। यह बजट देश की GDP और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

रियल एस्टेट की मांग

ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अनुसार रियल एस्टेट सेक्टर कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार देता है। एक्सपर्ट्स चाहते हैं कि अफोर्डेबल हाउसिंग की सीमा को 45 लाख से बढ़ाकर 75 लाख रुपये किया जाए। GST इनपुट टैक्स क्रेडिट देने से निर्माण लागत कम होगी जिससे मध्यम वर्ग के लिए घर सस्ते होंगे।

वरिष्ठ नागरिकों को राहत

CA प्रदीप झुनझुनवाला ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए TDS सीमा और टैक्स-फ्री इनकम बढ़ाने की वकालत की है। बजट में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए टैक्स छूट की सीमा को बढ़ाकर एक करोड़ रुपये करने की मांग है। आम जनता तक बजट का लाभ पहुंचाने के लिए वरिष्ठों को विशेष आयकर लाभ देने की जरूरत बताई गई है।

शेयर बाजार और निवेशक

ट्रंप की टैरिफ नीतियों और वैश्विक तनाव के कारण पिछले दो वर्षों से बाजार में काफी उतार-चढ़ाव है। एक्सपर्ट्स चाहते हैं कि 12.5 प्रतिशत वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को कम या खत्म किया जाए। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन में छूट की सीमा को एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का सुझाव है।

महिला सशक्तिकरण और उद्योग

महिला उद्यमियों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बहुत जरूरत है। मातृत्व वंदन और पोषण योजनाओं के तहत दी जाने वाली सहायता राशि को महंगाई के अनुसार बढ़ाना चाहिए। महिला उद्यमियों के लिए फंडिंग के साथ-साथ विशेष मार्केटिंग सपोर्ट और अलग बाजार की व्यवस्था होनी चाहिए।

अन्य क्षेत्रों का विकास

बजट में भागलपुर के बुनकरों, टेक्सटाइल, पर्यटन और कृषि आधारित उद्योगों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है। इन उद्योगों के विकास से न केवल स्थानीय रोजगार बढ़ेगा बल्कि देश की जीडीपी में भी योगदान होगा। निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए टैक्स ढांचे में सरलीकरण और स्थिरता लाना समय की सबसे बड़ी मांग है।

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