नासिक–पुणे रेलवे पर बड़ा फैसला, 22 दिसंबर को ऑल-पार्टी बैठक, विधायक तांबे का जोरदार समर्थन

Railway Rerouting: विधायक तांबे ने नाशिक–पुणे रेलवे प्रोजेक्ट को सिन्नर और संगमनेर से गुजारने के लिए 22 दिसंबर को ऑल-पार्टी बैठक की घोषणा की। उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी आंदोलन बताया।
नासिक–पुणे रेलवे पर, विधायक तांबे का जोरदार समर्थन
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Pune Railway Project News: विधायक तांबे ने बताया कि नाशिक-पुणे रेलवे प्रोजेक्ट को सिन्नर और संगमनेर तहसील से गुजारने के लिए 22 दिसंबर को नासिक और पुणे के बीच की जगहों पर ऑल-पार्टी पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव और ऑफिस बेयरर्स की मीटिंग होगी। लोगों को इसके लिए पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव पर निर्भर रहने के बजाय अपनी मर्जी से आगे आना चाहिए।

विधायक तांबे ने कहा कि यह मूवमेंट हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए जारी रहना चाहिए। वे शुक्रवार (19) को यहां मातोश्री नर्मदा लॉन्स में ऑल-पार्टी ऑफिस बेयरर्स द्वारा नासिक-पुणे रेलवे को सिन्नर, अकोले, संगमनेर, नारायणगांव, चाकन तक रीरूट करने के लिए रखी गई मीटिंग में बोल रहे थे।

विकास होने से रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

मीटिंग की अध्यक्षता अखिल भारतीय किसान सभा के नेशनल सेक्रेटरी अजीत नवले ने की। मंच पर भाजपा के उदय सांगले, श्रीमंत पतसंस्था के चेयरमैन नारायण वाजे, पूर्व कंस्ट्रक्शन चेयरमैन राजेंद्र चव्हाणके, भाऊसाहेब शिंदे, दत्ता वैचले, गोविंद लोखंडे मौजूद थे। सभी पार्टियों को एक साथ आकर नासिक-पुणे रेलवे लाइन के लिए काम करना होगा, इसे पार्टी के तौर पर नहीं देखना होगा। सभी पार्टियों के बड़े नेताओं को इसके लिए पहल करनी चाहिए। इसके लिए एक कमेटी बनानी चाहिए और उसमें हर ग्रुप के पदाधिकारियों को शामिल करना चाहिए।

जनप्रतिनिधि करें प्रयास

  • तहसील में कोई पब्लिक मूवमेंट नहीं होगा, ऐसा सांगले ने कहा। नासिक-पुणे रेलवे के बदले हुए रूट को फिर से शुरू करने के लिए सभी पॉलिटिकल पार्टियों को एक साथ आने की जरूरत है।
  • नवले ने राय दी कि यह लड़ाई तब तक खत्म नहीं हो सकती जब तक सभी पार्टियों के जनप्रतिनिधि एक साथ नहीं आते।
  • नवले ने कहा कि यह आर-पार की लड़ाई है और इसके लिए सभी को एक साथ आने की जरूरत है।
  • इस मौके पर नए बने कॉर्पोरेटर उदय गोलेसर ने भी अपने विचार रखे।
  • इस मौके पर सतीश नेहे, राजाराम मुरकुटे, गौरव घटे, सविता कोथुरकर, हरिभाऊ तांबे, बालासाहेब हांडे, सजन सांगले समेत सभी पार्टियों के पदाधिकारी मौजूद थे।
  • परिचय प्रो। राजाराम मुंगसे ने दिया। प्रोग्राम का संचालन नामदेव कोटवाल ने किया। दत्ता वैचले ने धन्यवाद माना।

रेलवे के ई-मेल 25 हजार शिकायत

नासिक-पुणे रेलवे रूट बदलने के लिए संगमनेर तहसील से रेलवे के ऑफिशियल ई-मेल पर करीब 25 हजार ईमेल भेजे गए थे।

एक ही समय में इतने सारे ई-मेल भेजे जाने की वजह से रेलवे का ई-मेल बॉक्स हैंग हो गया।

ए. तांबे ने बताया कि रेलवे को इसे ठीक करने में 7 दिन लग गए। उन्होंने कहा कि अगला आंदोलन और तेज होगा और इसके लिए वे अगले कुछ दिनों में समृद्धि हाईवे, नासिक-पुणे हाईवे, नगर-कल्याण हाईवे, शिरडी एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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