
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Trade With Jazz Scam Victims Protest: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक बार फिर निवेश के नाम पर हुई बड़ी धोखाधड़ी ने सनसनी फैला दी है। ‘ट्रेड विद जैज’ (Trade With Jazz) नामक कंपनी द्वारा किए गए 1,200 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले के खिलाफ सोमवार को सैकड़ों पीड़ितों ने ठाणे पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की त्वरित जांच और उनके डूबे हुए पैसे की वापसी की मांग की।
‘ट्रेड विद जैज‘ घोटाले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ठगी का शिकार होने वालों में केवल आम नागरिक ही नहीं, बल्कि कानून के रखवाले भी शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस महाघोटाले में महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों के लगभग 11,000 निवेशक प्रभावित हुए हैं, जिनमें करीब 1,500 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुणे, कोल्हापुर, जलगांव और रत्नागिरी जैसे शहरों से आए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस आयुक्त कार्यालय के मुख्य द्वार को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों समीर नार्वेकर, उसकी पत्नी नेहा और सहयोगी अमित बालम ने वर्ष 2019 में पुणे में मुख्यालय वाली ‘ट्रेड विद जैज’ नामक कंपनी की शुरुआत की थी। इन लोगों ने भोले-भाले निवेशकों को शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 4 प्रतिशत मासिक रिटर्न का आकर्षक लालच दिया। शुरुआती दौर में लाभ का भरोसा दिलाकर भारी निवेश जुटाने के बाद, कंपनी ने अचानक अपने कार्यालय बंद कर दिए और निवेशकों के फोन उठाना बंद कर दिया। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने पिछले महीने ही इन तीनों मुख्य आरोपियों को गुजरात से गिरफ्तार किया है।
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प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप है कि पुलिस की जांच बेहद धीमी गति से चल रही है। पीड़ितों ने सवाल उठाया कि 1,200 करोड़ रुपये के इतने बड़े घोटाले के बावजूद, ईओडब्ल्यू (EOW) अब तक केवल 12 लाख रुपये की ही संपत्ति जब्त कर पाई है। एक पीड़ित निवेशक ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा, “हममें से अधिकांश ने निवेश के लिए कर्ज लिया था या अपनी संपत्ति बेच दी थी। अब हमारे बच्चों की पढ़ाई और शादियां तक रुक गई हैं। आर्थिक अपराध शाखा वर्तमान में आरोपियों के बैंक खातों और संपत्तियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है, लेकिन रिकवरी की इतनी कम राशि ने निवेशकों के बीच भारी हताशा पैदा कर दी है।






