
Social Media Humor Voting Day:नासिक महानगरपालिका चुना (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Election Memes: नासिक महानगरपालिका के पंचवर्षीय चुनाव के लिए आज सुबह 7:30 बजे से मतदान की उत्साहपूर्ण शुरुआत हो गई है। एक ओर मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें नजर आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया के ‘डिजिटल मैदान’ में मीम्स और चुटकुलों की बाढ़ आ गई है।
पांच साल में एक बार मिलने वाले इस ‘शाही सम्मान’ को लेकर मतदाताओं ने तीखे और मज़ेदार अंदाज़ में तंज कसे हैं। सुबह से ही व्हाट्सएप स्टेटस पर एक संदेश खासा वायरल हो रहा है। “पांच साल तक जो साहब हमें पहचानते तक नहीं थे, आज वही साहब हमें पोलिंग बूथ तक छोड़ने के लिए दरवाजे पर खड़े हैं। आज पता चला कि असली राजा कौन है!”
इस पोस्ट के जरिए मतदाताओं ने उम्मीदवारों की अचानक बढ़ी ‘विनम्रता’ पर चुटकी ली है।एक यूज़र ने लिखा,“ऐसा मौका बार-बार नहीं आता। पत्नी साथ हो तब भी अपना अलग ‘मत’ दर्ज किया जा सकता है। दोस्तों, मौके का फायदा उठाएं और वोट डालने जरूर जाएं।”
उंगली पर लगी स्याही की फोटो पोस्ट करते हुए एक अन्य यूज़र ने लिखा,“जैसे ही स्याही लग जाए, समझ लीजिए कि अगले पांच साल आपके काम नहीं होने वाले, लेकिन आज हम सबसे महत्वपूर्ण हैं।” कुछ मीम्स में उम्मीदवारों की घबराहट का मज़ाक उड़ाते हुए लिखा गया है कि वे हर आने-जाने वाले के पैर छू रहे हैं, यहां तक कि पड़ोसी गांव से आए मेहमानों के भी।
सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं की भागदौड़ पर भी खूब हंसी उड़ाई जा रही है। एक चुटकुला वायरल हो रहा है। “कार्यकर्ताओं की हालत ऐसी है कि जो आदमी वोट डालने नहीं जा रहा, उसे उठाकर ले जाने की तैयारी है।”वहीं, स्याही लगी उंगली के साथ सेल्फी लेने के जुनून पर भी मीम्स छाए हुए हैं।“चुनाव का नतीजा जो होगा सो होगा, पहले ये बताओ कि मेरी सेल्फी पर फिल्टर कैसा लग रहा है।”
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नेटिज़न्स ने कार्यकर्ताओं के व्यवहार पर भी जोरदार टोलेबाजी की है। एक जोक के मुताबिक “मतदाता राजा जैसे ही घर से बाहर निकला, चार कार्यकर्ता दौड़कर आए। एक ने चप्पल सीधी की, दूसरे ने छाता पकड़ा, तीसरे ने रास्ता दिखाया, लेकिन मतदाता ने मतदान केंद्र में जाकर चुपचाप ‘नोटा’ दबा दिया।”
चुनाव की गंभीरता और तनाव से इतर, सोशल मीडिया पर वायरल ये चुटकुले मतदाताओं का भरपूर मनोरंजन कर रहे हैं। उम्मीदवारों के लिए जहां यह अस्तित्व की लड़ाई है, वहीं आम जनता के लिए यह दिन ‘सेल्फी’ और ‘मीम्स’ के जरिए अपनी बात कहने का उत्सव बन गया है।






