रामटेक में 'दृश्यम' जैसा कांड! 8 महीने पहले कुक को मारकर खेत में दफनाया, होली पर एक फोन कॉल ने खोला राज

Ramtek Tourist Dhaba Murder: रामटेक में 8 महीने पुराने मर्डर का खुलासा! ढाबे के कुक की हत्या कर खेत में गाड़ दी थी लाश। 'होली' पर मिली एक टिप ने खोला राज, ढाबा मालिक और बेटे सहित 5 गिरफ्तार।
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ठाणे में हत्या (डिजाइन फोटो)
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Nagpur Rural LCB Action: रामटेक शहर के पूर्वी किनारे पर मनसर - तुमसर राष्ट्रीय महामार्ग के किनारे स्थित टूरिस्ट ढाबा के कुक की हत्या लगभग आठ माह पूर्व करके उसकी लाश समीप के खेत में गाड़ने वाले ढाबा मालिक सहित पांच आरोपियों को स्थानीय अपराध नियंत्रण शाखा पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है।

जानकारी के अनुसार हाल ही में संपन्न होली के त्योहार के अवसर पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने अपना नाम प्रकाश में न लाने की शर्त पर पुलिस अधीक्षक नागपुर जिला ग्रामीण हर्ष पोद्दार को गोपनीय जानकारी दी कि टूरिस्ट ढाबा के मालिक कैलाश ठाकरे ने अपने नवरगांव के खेत में एक व्यक्ति की हत्या करके सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से मृत देह गाड़ दिया है।

जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक नागपुर जिला ग्रामीण पोद्दार ने जांच कार्य नागपुर जिला ग्रामीण की स्थानीय अपराध नियंत्रण शाखा को जांच करने का आदेश दिया। जांच के दौरान ढाबा में काम करने वाले शिवराम मरकाम, धर्मराज वरठी, धीरज वानखेड़े को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू की।

जानकारी मिली कि यहां पर कुक का काम करने वाले प्रताप सिंह महादेव सिंह बैस (ठाकुर) की हत्या करके खेत में मृत देह गाड़ दिया गया है। बताई गई जगह पर तहसीलदार, रामटेक की उपस्थिति में जब खुदाई की गई तो मृतक प्रताप सिंह बैश की पूरी तरह सड़ी हुई मृत देह के ढांचे बरामद हुए, पुलिस द्वारा मृत देह का ढांचा बरामद किए जाने के बाद पंचनामा करके आगे की जांच के लिए ढांचे को फारेंसिंक लैब भेज दिया गया।

पियुष ठाकरे था मुख्य सूत्रधार

हिरासत में लिए गए धाबा कर्मचारियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर धाबा मालक कैलाश ठाकरे का बेटा पियूष ठाकरे हत्या कांड का मुख्य सूत्रधार था, पुलिस दल द्वारा पियूष ठाकरे से पूछताछ किए जाने पर उसने प्रताप सिंह बैश की हत्या की बात कबूल कर बताया कि प्रताप सिंह हमेशा शराब पीकर गाली गलौज करता रहता था।

26 जुलाई 2025 की घटना

26 जुलाई 2025 की रात ढाबे के बगल में ही स्थित एक रूम में फांसी का फंदा बना हुआ देखकर पियूष ने उससे पूछताछ की। उस समय हुए विवाद में क्रोधित होकर पियूष ने प्रताप सिंह बैश के गले में फांसी का फंदा डालकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद मृत देह को छिपाने और सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से अन्य आरोपियों की मदद से बगल में ही स्थित खेत में गड्ढा खोदकर मृत देह दफना दिया।

रामटेक पुलिस दल द्वारा उपरोक्त प्रकरण में धाबा मालिक कैलाश ठाकरे, उसके पुत्र धाबा चालक पियूष ठाकरे, शिवराम मरकाम, धर्मराज वरठी,धीरज वानखेड़े को गिरफतार करके उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। उपरोक्त कार्यवाही पुलिस अधीक्षक, नागपुर जिला ग्रामीण हर्ष पोद्दार के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध नियंत्रण शाखा के पुलिस द्वारा करके आगे की जांच के लिए प्रकरण रामटेक पुलिस स्टेशन को हस्तांतरित कर दिया गया है।

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