भाजपा नेता से 46 लाख की धोखाधड़ी, काजू व्यवसाय में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा, तीन जालसाजों ने लगाया चूना

Nashik Fraud Case: नासिक में काजू व्यवसाय में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर भाजपा नेता मयूर अलई से 46.89 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
Mumbai US Club Embezzlement Case
मुंबई यूएस क्लब एम्बेजलमेंट केस (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Financial Crime Nashik: काजू प्रसंस्करण और निर्यात व्यवसाय में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर तीन लोगों ने केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा नासिक पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के इच्छुक उम्मीदवार मयूर अलई से 46 लाख 89 हजार रुपये की ठगी की है। इस मामले में गंगापुर पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान राजेंद्र पंढरीनाथ अमृतकर, प्रसाद राजेंद्र अमृतकर (दोनों निवासी सोनगीर, जिला धुलिया) और अमन महादेव जाधव (निवासी पाथर्डी फाटा) के रूप में हुई है। राजेंद्र और प्रसाद पिता-पुत्र हैं, जबकि अमन जाधव को इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है। मामला दर्ज होने के बाद से तीनों आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया

पीड़ित मयूर प्रकाश अलई (उम्र 43, निवासी गुलमोहर कॉलोनी, गंगापुर रोड) द्वारा दर्ज शिकायत के अनुसार यह धोखाधड़ी सितंबर 2020 से जनवरी 2026 के बीच हुई। आरोपियों ने स्वयं को काजू प्रसंस्करण उद्योग से जुड़ा बताकर अलई को ‘रेशम काजू मार्ट’ नामक कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने हर महीने तय प्रतिशत रिटर्न देने का भरोसा दिलाया और इसके लिए नोटरी व कानूनी अनुबंध भी किए।

टालमटोल और अंततः फरार

विश्वास में लेने के बाद जब अलई ने कुल 46.89 लाख रुपये का निवेश किया, तो आरोपियों ने उन्हें मासिक रिटर्न के चेक दिए। हालांकि, बैंक में प्रस्तुत करने पर खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण ये सभी चेक बाउंस हो गए। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करने लगे और अंततः फरार हो गए।

संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच जारी

जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अमन जाधव ने एक अकादमी शुरू की थी और कार्यालय में काजू प्रसंस्करण की मशीनें भी रखी थीं, ताकि लोगों को यह एक वास्तविक व्यवसाय लगे। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने अन्य निवेशकों को भी ठगी का शिकार बनाया हो सकता है। फिलहाल, पुलिस बैंक खातों और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।