जालना ऑनलाइन ठगी: फर्जी वेबसाइट से लर्निंग लाइसेंस घोटाला, मुख्य आरोपी वाराणसी से गिरफ्तार

Fake Website Scam: जालना में फर्जी वेबसाइट से सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग कर अवैध लर्निंग लाइसेंस जारी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के मुख्य आरोपी अमर शिव भारती को पुलिस ने वाराणसी से गिरफ्तार किया
Jalna online fraud: Learning license scam through fake website, main accused arrested from Varanasi
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Jalna Cyber Crime Gang: जालना फर्जी वेबसाइट के जरिए सरकारी कंप्यूटर प्रणाली का दुरुपयोग कर अवैध रूप से लर्निंग लाइसेंस जारी कर आम नागरिकों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर गिरोह पर जालना पुलिस ने नकेल कसी है।

रैकेट का स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) व साइबर पुलिस थाना ने मामले में गुवाहाटी (असम) से नेटवर्क संचालित करने वाले मुख्य आरोपी अमर शिव भारती (25) को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से दबोच लिया। उसे शहर में लाने के बाद गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की खोज जारी है। आरोपी को साइबर पुलिस ने 31 जनवरी को साइबर पुलिस थाने में पेश करने पर 5 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेजा गया।

सहायक मोटर वाहन निरीक्षक व उप प्रादेशिक परिवहन अधिकारी ने साइबर पुलिस थाने में 26 नवंबर 2025 की शिकायत दर्ज कराई थी। उसमें कहा था कि अज्ञात व्यक्तियों ने फर्जी वेबसाइट तैयार कर सरकारी कंप्यूटर प्रणाली में अवैध प्रवेश किया व सरकारी प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए नागरिकों को अवैध रूप से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध करा राशि वसूली।

फर्जी वेबसाइट से लर्निंग लाइसेंस का रैकेट

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक व अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर स्थानीय अपराध शाखा व साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच करने पर पता चला कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए ठिकाने बदल रहा था।

आरोपी के उत्तर प्रदेश के महाराजगंज, गोरखपुर व वाराणसी जैसे शहरों में छिपकर रहने की सूचनी मिलने के बाद 27 जनवरी को भारती को दबोच लिया। प्रारंभिक जानकारी में आरोपी का पत्ता काहिलापारा, दिसपुर, गुवाहाटी (असम) बताया गया था, पर जांच में वह राजमंदिर कला, तहसील फरेंदा, जिला महाराजगंज (उप्र) का निवासी निकला,

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

मामले में इससे पहले कुपवाड़ा (जम्मू-कश्मीर), सहरसा (बिहार) व जालना से तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस को आशंका है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह है व आगे की जांच में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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