

Ramdas Athawale Budget Statement: केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 की जमकर प्रशंसा की है। रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने इसे केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को साकार करने वाला विजन बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा बजट की आलोचना किए जाने पर आठवले ने चुटकी लेते हुए कहा कि उनकी निराशा का कारण राजनीतिक है। आठवले ने कहा, "खड़गे जी इसलिए निराश हैं क्योंकि उन्हें पता है कि कांग्रेस फिलहाल सत्ता में आने वाली नहीं है। उन्हें शायद बजट की गहराई और इसमें आम जनता के लिए किए गए प्रावधानों की पूरी जानकारी ही नहीं है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि खड़गे के आरोपों में कोई तथ्य नहीं है और यह बजट देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला है।
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने जोर देकर कहा कि केंद्रीय बजट युवाओं, महिलाओं और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उन्होंने बजट की कुछ महत्वपूर्ण घोषणाओं को ऐतिहासिक बताया।
किसानों को सौगात: 'पीएम धन-धान्य कृषि योजना' के माध्यम से 1.7 करोड़ किसानों की उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
क्रेडिट कार्ड सीमा: किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
मध्यम वर्ग को राहत: टैक्स स्लैब में किए गए बदलावों और छोटे व्यापारियों के लिए दी गई राहत से मिडिल क्लास को बड़ी आर्थिक मजबूती मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री आठवले ने विश्वास जताया कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि, एमएसएमई, निवेश और निर्यात को विकास के चार इंजनों के रूप में पहचानना सरकार की दूरदर्शिता को दर्शाता है। यह बजट दिव्यांगजनों और दलितों सहित समाज के हर वर्ग को सामाजिक न्याय सुनिश्चित करता है। अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि इस बजट का मूल उद्देश्य गरीब को मजबूत करना, बच्चों को शिक्षा देना और हर परिवार को सम्मान के साथ आगे बढ़ाना है।