
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Agricultural Market Committee: नासिक कृषि उत्पन्न बाजार समिति की आर्थिक स्थिति और कार्यप्रणाली को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। चालू वित्त वर्ष में समिति की आय में पिछले वर्ष की तुलना में करीब सात करोड़ रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
किसानों और व्यापारियों की बढ़ती शिकायतों के बीच विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने संकेत दिए हैं कि मनपा चुनाव समाप्त होते ही वर्तमान समिति को बर्खास्त कर वहां प्रशासक नियुक्त किया जाएगा।
आय में ऐतिहासिक गिरावट और भ्रष्टाचार के आरोप: पिछले एक वर्ष में समिति की साख और खजाने दोनों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। एक वर्ष के भीतर समिति की वार्षिक आय 25 करोड़ रुपये से घटकर महज 18 करोड़ रुपये रह गई है।
पिछले वर्ष कल्पना चंबले के अध्यक्ष बनने के बाद से ही पूर्व सभापत्ति देवीदास पिंगले ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। मंत्री जयकुमार रावल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी वसूली के बावजूद समिति घाटे में क्यों है, इसकी गहन जांच की जाएगी।
नासिक अनाज किराना बाँक व्यापारी संगठन के अध्यक्ष प्रफुल्ल संचेती ने मंत्री का ध्यान सुलेमानी सेस’ और नाकों पर अनाज के ट्रको को रोककर की जाने वाली अवैध वसूली की ओर खींचा, व्यापारियों ने मांग की कि 20 जनवरी के बाद ट्रकों को न रोका जाए। इस पर मंत्री ने आश्चर्य जताया कि जब व्यापारियों से इतनी वसूली हो रही है, तो समिति का रिकॉर्ड घाटा क्यों दिखा रहा है?
“बाजार समिति के इतिहास में पहली बार आय में इतनी बड़ी गिरावट आई है। यह समिति अब भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है। किसानों और व्यापारियों के साथ मिलकर मैने सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। अब जल्द ही प्रशासक की नियुक्ति होगी, जिससे समिति की गरिमा फिर बहाल होगी।”
-देवीदास पिंगले
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सूत्रों के अनुसार, बर्खास्तगी की फाइल लगभग तैयार है। महानगरपालिका चुनाव की आचार संहिता और व्यस्तता खत्म होते ही राज्य सरकार इस पर आधिकारिक मोहर लगा देगी। प्रशासक की नियुक्ति के बाद समिति के पिछले एक वर्ष के खर्चों और आय के स्रोतों का ऑडिट भी कराया जा सकता है।






