

Advisory for US Citizens: पिछले कुछ दिनों में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण मिडिल ईस्ट में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों के बाद ईरान ने खाड़ी देशों में मिसाइलों और ड्रोन हमलों की जवाबी कार्रवाई की है। इन हमलों के चलते क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। इसी बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को 14 खाड़ी और मध्य पूर्वी देशों से तत्काल बाहर निकलने की चेतावनी जारी की है। कांसुलर मामलों की सहायक सचिव मोरा नामदार ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो “गंभीर सुरक्षा जोखिमों” के कारण अमेरिकी नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि वे उपलब्ध व्यावसायिक परिवहन का उपयोग करके तुरंत इन देशों को छोड़ दें।
विदेश मंत्रालय ने जिन देशों और क्षेत्रों को सूचीबद्ध किया है, उनमें इजरायल (वेस्ट बैंक और गाजा), ईरान, इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कतर, जॉर्डन, लेबनान, मिस्र, बहरीन, ओमान और सीरिया शामिल हैं। इनमें से अधिकत्तर वो देश है जहां अमेरिका के मिलिट्री ठिकाने हैं या फिर जहां ईरान हमले कर रहा है।
अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को किए गए हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के परिवार और ईरानी रक्षा नेतृत्व के कई प्रमुखों की मौत हुई। इसके बाद ईरान ने व्यापक जवाबी कार्रवाई की है और अब तक मिडिल ईस्ट के 130 से अधिक शहरों में हमले किए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार इन हमलों में अब तक 555 से अधिक लोग मारे गए हैं।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान पर और बड़े हमले किए जाएंगे और आवश्यक होने पर जमीनी सेना भी तैनात की जा सकती है। वर्तमान में क्षेत्र में तनाव चरम पर है और सुरक्षा जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे वैश्विक और क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। इस संघर्ष के चलते मिडिल ईस्ट के नागरिक और विदेशी लोग गंभीर खतरे में हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय सतर्क नजर बनाए हुए है।