- Hindi News »
- World »
- Story Of Hezbollah Iran Proxy Lebanon Foothold Political Military Power
हिजबुल्लाह: लेबनान में ईरान का सबसे शक्तिशाली प्रॉक्सी और उसकी खूनी जंग की पूरी कहानी
Hezbollah Iran Proxy: ईरान के समर्थन से बना हिजबुल्लाह आज दुनिया का सबसे शक्तिशाली मिलिशिया है। 1985 में स्थापित यह संगठन इजराइल को खत्म करने और लेबनान की राजनीति में पैठ जमाने के लिए जाना जाता है।
- Written By: प्रिया सिंह

हिजबुल्लाह आज दुनिया का सबसे शक्तिशाली मिलिशिया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Formation Of Hezbollah Lebanon Militia: लेबनान की धरती पर उपजा हिजबुल्लाह आज केवल एक सैन्य संगठन नहीं बल्कि एक बहुत बड़ी राजनीतिक और वैचारिक ताकत बन चुका है। 1985 में ईरान की मदद से शुरू हुआ यह सफर अब इजराइलऔर अमेरिका के खिलाफ एक बहुत ही खौफनाक हथियार की शक्ल ले चुका है। दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी में इसकी पकड़ इतनी मजबूत है कि वहां की सरकार भी इसके सामने अक्सर बेबस नजर आती है। इस संगठन की पूरी कहानी गृहयुद्ध, विदेशी हस्तक्षेप और धार्मिक सत्ता के संघर्ष के बीच एक गहरा और खूनी इतिहास समेटे हुए है।
गृहयुद्ध और बिगड़ते धार्मिक समीकरण
साल 1943 में लेबनान के शिया, सुन्नी और ईसाइयों के बीच एक समझौता हुआ था ताकि सत्ता में सबको बराबर की हिस्सेदारी मिल सके। इसके तहत सुन्नी को प्रधानमंत्री, ईसाई को राष्ट्रपति और शिया को संसद का स्पीकर बनाया गया लेकिन वक्त के साथ हालात बिगड़ गए। फिलिस्तीन से आए शरणार्थियों के कारण धार्मिक संतुलन बिगड़ा और 1975 में शिया-सुन्नी के बीच एक भयानक और विनाशकारी गृहयुद्ध छिड़ गया।
ईरान का साथ और हिजबुल्लाह का उदय
जब लेबनान के शिया कमजोर पड़ रहे थे, तब 1979 में ईरान की इस्लामी क्रांति के बाद खामेनेई सरकार ने उन्हें हथियार देना शुरू किया। साल 1982 में इजराइली सेना के हमले और सबरा-शतीला में 3000 लोगों के नरसंहार ने हिजबुल्लाह के गठन की राह पूरी तरह साफ कर दी। अंततः 1985 में ईरान के सीधे सहयोग से हिजबुल्लाह की स्थापना हुई, जिसका मकसद इजराइल को खत्म करना और अमेरिकी दबदबे से लड़ना था।
सम्बंधित ख़बरें
ईरान का अमेरिका पर बड़ा प्रहार: जॉर्डन में ‘THAAD’ डिफेंस सिस्टम तबाह, सऊदी और UAE के रडार भी ध्वस्त
चार दिन में दूसरी बार डोली ईरान की धरती, बंदर अब्बास में आया 4.1तीव्रता का भूकंप, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
ट्रंप की हत्या की साजिश रचने के आरोप में पाकिस्तानी नागरिक दोषी करार, कोर्ट सुना सकती है सख्त सजा
नवभारत विशेष: चीनी शस्त्रों पर भरोसा ईरान को महंगा पड़ा, ‘Made in China’ डिफेंस सिस्टम हुए फेल
सैन्य सफलता और राजनीतिक पैठ
हिजबुल्लाह की ताकत का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि 1983 में इसने अमेरिका-फ्रांस के 300 जवानों को एक भीषण बम हमले में मार दिया था। इस संगठन के बढ़ते दबाव के कारण साल 2000 में शक्तिशाली इजराइली सेना को भी दक्षिणी लेबनान से अपने पैर पीछे खींचने के लिए मजबूर होना पड़ा। युद्ध के मैदान के साथ-साथ इसने 1992 में पहली बार 8 संसदीय सीटें जीतकर लेबनान की राजनीति में अपनी एक बहुत ही मजबूत मौजूदगी दर्ज की।
यह भी पढ़ें: खाड़ी देशों में तेल संकट: ईरान के हमलों से सऊदी-कतर में उत्पादन ठप, आसमान छू रही कीमतें
आज की स्थिति और वैचारिक लड़ाई
आज हिजबुल्लाह दुनिया के सबसे शक्तिशाली मिलिशिया समूहों में से एक है जो ईरान के लिए एक प्रॉक्सी की तरह मजबूती से खड़ा रहता है। भले ही इजराइल ने हमलों के जरिए इसे कमजोर करने की कोशिश की है, लेकिन इसकी वैचारिक जड़ें आज भी पूंजीवाद और इजराइल के विरोध में टिकी हैं। लेबनान में सामाजिक और राजनीतिक पैठ के कारण यह संगठन आज भी मिडिल ईस्ट के अशांत माहौल में अपनी एक बड़ी और निर्णायक भूमिका निभा रहा है।
Story of hezbollah iran proxy lebanon foothold political military power
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
बॉक्स ऑफिस पर जारी ‘द केरल स्टोरी 2’ की रफ्तार, 8वें दिन भी की शानदार कमाई; हिट होने से बस थोड़ा दूर
Mar 07, 2026 | 11:48 AMकेशव प्रसाद मौर्य के हेलीकॉप्टर में भरा धुंआ, लखनऊ में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग, बाल-बाल बचे BJP नेता
Mar 07, 2026 | 11:47 AM306 बेड वाले सिद्धार्थ अस्पताल परियोजना में देरी, मुंबई महापौर ने मांगी समयबद्ध कार्ययोजना
Mar 07, 2026 | 11:47 AMईरान का अमेरिका पर बड़ा प्रहार: जॉर्डन में ‘THAAD’ डिफेंस सिस्टम तबाह, सऊदी और UAE के रडार भी ध्वस्त
Mar 07, 2026 | 11:47 AMChandrapur: सावली में PM आवास योजना पर फुल स्टॉप! 3 महीने से किस्तें गायब, लाभार्थियों की बढ़ी मुसीबत
Mar 07, 2026 | 11:47 AMअचानक लोकभवन पहुंचे नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री पद से आज ही देंगे इस्तीफा? बिहार में सियासी हलचल तेज
Mar 07, 2026 | 11:43 AMमहाराष्ट्र बजट: ‘लाडकी बहिन’ के बीच 25 लाख ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य, महिलाओं के लिए खुलेंगे ‘उम्मीद मॉल’
Mar 07, 2026 | 11:40 AMवीडियो गैलरी

एक सोशल मीडिया पोस्ट और…आधी रात को भड़क उठा खंडवा, पोलिस स्टेशन पर जमकर हुआ बवाल, जानें क्या है पूरा मामला
Mar 06, 2026 | 01:51 PM
Nitish Kumar के बाद कौन बनेगा बिहार का मुख्यमंत्री, भाजपा के इन तीन नामों की चर्चा तेज
Mar 05, 2026 | 10:09 PM
नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन पर मनोज झा का बड़ा बयान, बोले- नहीं जाना चाहते CM, दिल्ली से आया फरमान
Mar 05, 2026 | 01:41 PM
सेमीफाइनल में आज इंग्लैंड से लोहा लेने उतरेगा भारत, प्रयागराज में फैंस ने की मेन इन ब्लू के लिए विशेष पूजा
Mar 05, 2026 | 01:22 PM
होली के अवसर पर CM Yogi ने दिया एकता का संदेश, गोरखपुर में कही बड़ी बात
Mar 04, 2026 | 09:56 PM
बिहार की राजनीति में होगी नीतीश कुमार के बेटे की एंट्री! निशांत के लिए JDU ने बनाया खास प्लान
Mar 04, 2026 | 01:53 PM













