Surat Chennai corridor (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Akkalkot Highway: 31 दिसंबर को मंजूर किए गए नासिक-अक्कलकोट ग्रीनफील्ड महामार्ग का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। 29 जनवरी को लोकसभा में हुई बैठक के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति की जानकारी साझा की गई। केंद्र सरकार ने बताया कि इस महामार्ग के लिए आवश्यक 90 प्रतिशत भूमि के अधिग्रहण हेतु अधिसूचना जारी कर दी गई है।
गति शक्ति मास्टर प्लान के तहत स्वीकृत इस परियोजना की जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक प्रश्न के उत्तर में दी। यह 6 लेन का महामार्ग महाराष्ट्र के नासिक, अहिल्यानगर, बीड़, धाराशिव और सोलापूर जिलों से होकर गुजरेगा।
यह मार्ग न केवल नासिक और सोलापूर को जोड़ेगा, बल्कि आगे आंध्र प्रदेश तक विस्तारित होगा। इसके अलावा, इसे वढवण बंदरगाह के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और नासिक के समीप समृद्धि महामार्ग (मुंबई-नागपुर) से भी जोड़ने का प्रस्ताव है।
लगभग 374 किलोमीटर लंबे इस नासिक-अक्कलकोट ग्रीनफील्ड महामार्ग के निर्माण पर कुल 19,142 करोड़ रुपये का खर्च अपेक्षित है। इसके पूर्ण होने से उत्तर और पश्चिम महाराष्ट्र के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी। नासिक के आडेगांव से यह मार्ग मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-3) से भी जुड़ेगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सूरत-चेन्नई कॉरिडोर का हिस्सा होने के कारण, इस मार्ग के चालू होने से सूरत और चेन्नई के बीच माल ढुलाई और यात्रा के समय में लगभग 14 घंटे की कमी आएगी और करीब 201 किलोमीटर की दूरी कम होगी। राज्य के भीतर, नासिक से अक्कलकोट की यात्रा में समय लगभग 4 घंटे कम होगा और 51 किलोमीटर की दूरी की बचत होगी।
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केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना के कार्यान्वयन के दौरान बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। नासिक-अक्कलकोट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू होने के तीन वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह मार्ग गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों के बीच संपर्क को नई मजबूती प्रदान करेगा।