लाडकी बहीण योजना: नासिक की पौने दो लाख महिलाओं की होगी जांच, ई-केवाईसी में गलत जानकारी भरने से रुकी किस्त
Majhi Ladki Bahin Yojana: नासिक में माझी लाडकी बहीण योजना के तहत ई-केवाईसी में गलत जानकारी के कारण 1.73 लाख महिलाओं का घर-घर जाकर सत्यापन होगा, जिसके बाद पात्र लाभार्थियों की रुकी किस्त उनके खातों में
- Written By: आंचल लोखंडे
women installment stopped (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik News: मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना के तहत ई-केवाईसी प्रक्रिया में गलत जानकारी दर्ज होने के कारण नासिक जिले की लगभग 1.73 लाख महिलाओं का अब प्रत्यक्ष भौतिक सत्यापन किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, इस सूची में सर्वाधिक महिलाएं नासिक तहसील की हैं।
गलत जानकारी से रुकी नवंबर की किस्त
योजना का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए सरकार ने लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य की थी, जिसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई थी। इस अवधि में जिले की 1,73,480 महिलाओं द्वारा दर्ज की गई जानकारी में विसंगतियां पाई गईं। इसके चलते इन महिलाओं को ‘अस्थायी अपात्र’ सूची में शामिल किया गया और वे नवंबर महीने से लाभ से वंचित हैं।
जनआक्रोश के बाद सरकार का फैसला
ई-केवाईसी की समय सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर राज्य के कई जिलों में महिलाओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने अब आंगनवाड़ी सेविकाओं को गांव-वार दस्तावेजों की जांच और घर-घर जाकर प्रत्यक्ष सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि त्रुटियों को सुधारा जा सके और पात्र महिलाओं को योजना का लाभ फिर से मिल सके।
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तहसीलवार सत्यापन का विवरण
जिले में कुल 1,73,480 महिलाओं का सत्यापन किया जाना है। तहसीलवार आंकड़े इस प्रकार हैं:
- मालेगांव: 23,913
- सिन्नर: 12,277
- दिंडोरी: 10,019
- चांदवड: 8,041
- येवला: 9,000
- नांदगांव: 7,876
- इगतपुरी: 6,728
- सुरगाणा: 5,091
- कळवण: 5,856
- त्र्यंबक: 4,801
- देवला: 4,532
- पेठ: 3,310
इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद पात्र पाई गई महिलाओं के बैंक खातों में योजना की रुकी हुई राशि पुनः जमा की जाएगी।
