Nashik Municipal corporation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Municipal Corporation: मालेगांव मनपा की राजनीति में एक अप्रत्याशित और चौंकाने वाला मोड़ आया है। वैचारिक स्तर पर एक-दूसरे के धुर विरोधी माने जाने वाले कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने स्थानीय स्तर पर हाथ मिला लिया है। महापौर और उपमहापौर पद के चुनाव से ठीक पहले दोनों दलों के नगरसेवकों ने मिलकर ‘भारत विकास आघाड़ी’ नामक एक स्वतंत्र गुट की स्थापना की है।
सत्ता स्थापना की जोड़-तोड़ के बीच कांग्रेस के 3 और भाजपा के 2 नगरसेवकों ने एकजुट होकर इस 5 सदस्यीय आघाड़ी का गठन किया है। इस नए गुट का नेतृत्व कांग्रेस के नगरसेवक एजाज बेग करेंगे। इस घटनाक्रम ने मनपा के भीतर सत्ता के पुराने समीकरणों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है।
संख्याबल के अनुसार इस्लाम पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए उसे अन्य दलों के समर्थन की आवश्यकता है।
महापौर पद के लिए सामान्य महिला आरक्षण घोषित होने के बाद अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि इस पद की कमान किसके हाथ आएगी। चर्चा है कि इस्लाम पार्टी के प्रमुख और पूर्व विधायक आसिफ शेख अंतिम निर्णय लेंगे। सूत्रों के अनुसार, उनके भाई की पत्नी नसरीन शेख को महापौर बनने का अवसर मिलना लगभग तय माना जा रहा है।
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नियमानुसार, आरक्षण की घोषणा के 8 से 12 दिनों के भीतर विशेष सभा बुलाकर चुनाव कराना अनिवार्य है। कांग्रेस और भाजपा के इस नए गठबंधन को इस्लाम पार्टी के लिए अप्रत्यक्ष समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। इससे पूर्व अकोट में भाजपा और एमआईएम के साथ आने पर विवाद हुआ था, जिसके बाद भाजपा को पीछे हटना पड़ा था। अब मालेगांव में धुर विरोधी कांग्रेस के साथ भाजपा की इस जुगलबंदी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।