Police Initiative Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gadchiroli Bus Service: गड़चिरोली जिला आदिवासी बहुल और नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। यहां के दुर्गम और अतिदुर्गम इलाकों में रहने वाले नागरिकों को लंबे समय से यातायात सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा था, जिसके कारण उन्हें पैदल आवागमन करना पड़ता था।
ऐसे में दुर्गम क्षेत्रों के नागरिकों को यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पुलिस दल द्वारा विभिन्न पहलें की जा रही हैं। इसी क्रम में 17 मार्च को पहली बार जिले के दुर्गम क्षेत्र में स्थित तुमरकोठी गांव में महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन निगम (रापनि) की बस पहुंची। इस पहल से तुमरकोठी और आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन के लिए बड़ी राहत मिली है। नागरिकों ने इसके लिए पुलिस विभाग का आभार व्यक्त किया है।
यह पहल जिला पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल, अपर पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, अहेरी के अपर पुलिस अधीक्षक कार्तिक मधीरा, अपर पुलिस अधीक्षक गोकुल राज, पुलिस उप-अधीक्षक (अभियान) विशाल नागरगोजे और उपविभागीय पुलिस अधिकारी योगेश रांजणकर के मार्गदर्शन में, सीआरपीएफ की 191वीं बटालियन और रापनि के सहयोग से पूरी की गई।
तुमरकोठी गांव भामरागढ़ से करीब 30 किमी और अहेरी तहसील मुख्यालय से लगभग 100 किमी दूर स्थित है। गांव में पहली बार बस सेवा पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक नृत्य और बैंड-बाजे के साथ बस का भव्य स्वागत किया। विशेष रूप से स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर इस ऐतिहासिक क्षण का स्वागत किया। बताया जा रहा है कि इस बस सेवा के शुरू होने से तुमरकोठी-कोठी-भामरागढ़-अहेरी मार्ग पर करीब 500 नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
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जिला पुलिस दल के संरक्षण में जिले के विभिन्न हिस्सों में अब तक 559 मोबाइल टावर स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 424 किलोमीटर सड़कों और 65 पुलों का निर्माण भी किया गया है। पिछले एक वर्ष में गड़चिरोली पुलिस के प्रयासों से कई दुर्गम मार्गों पर पहली बार बस सेवा शुरू की गई है, जिनमें गट्टा-गढ़देवाड़ा-वांगेतुरी, कटेझरी से गड़चिरोली, मरकणार से अहेरी और आंबेझरी से गड़चिरोली मार्ग शामिल हैं। इन पहलों से जिलेवासियों ने पुलिस प्रशासन के कार्यों की सराहना की है।