‘ट्रम्प बोले और मोदी डोले…’, सोलापुर में बरसीं प्रणिती शिंदे, संभाजीनगर में किसानों ने सड़क पर फेंका प्याज
Maharashtra Onion Protest 2026: नासिक, सोलापुर और संभाजीनगर में प्याज की कीमतों पर भारी बवाल। रोहित पवार, अंबादास दानवे और प्रणिती शिंदे का बड़ा हमला।
- Written By: अनिल सिंह
महाराष्ट्र में प्याज आंदोलन हुआ हिंसक (फोटो क्रेडिट-X)
Maharashtra Onion Protest 2026: नासिक जिले के चांदवड़ चौफुली पर आयोजित इस ‘आक्रोश महामोर्चा’ में हजारों की संख्या में किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचे थे। आंदोलन को धार देने के लिए कांग्रेस के प्रदेश स्तरीय नेता हर्षवर्धन सपकाल, शिवसेना (यूबीटी) के अंबादास दानवे और एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार समेत कई सांसद भी मंच पर मौजूद थे। नेताओं ने आरोप लगाया कि एक तरफ जहां बेमौसम बारिश और सरकारी नीतियों के कारण सूबे का किसान आर्थिक तबाही की कगार पर है, वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी दल के नेता केवल कैबिनेट विस्तार और स्थानीय निकायों के चुनावों में व्यस्त हैं।
जैसे ही आंदोलन आगे बढ़ा, हाईवे पर स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। सैकड़ों युवा किसान पुलिस बैरिकेड्स को तोड़कर सड़क पर खड़ी गाड़ियों की तरफ दौड़ पड़े। कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा वाहनों के पहियों से हवा निकालने की कोशिश के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। लगभग दो घंटे से अधिक समय तक चले इस भारी हाई-ड्रामा और नारेबाजी के बाद, पुलिस ने शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए रोहित पवार, शशिकांत शिंदे, अंबादास दानवे और हर्षवर्धन सपकाल को हिरासत में ले लिया।
16 लाख टन प्याज की खरीद या विदेश निर्यात की मांग पर अड़े रोहित पवार
आंदोलन के दौरान मीडिया से बात करते हुए एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने राज्य और केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नाफेड (NAFED) के भीतर केवल सत्ताधारी दल के करीबी लोग ही सांठगांठ कर फायदा कमा रहे हैं। पवार ने कहा, “आदरणीय शरद पवार साहब के निर्देश पर हम किसानों के हक के लिए सड़क पर उतरे हैं। सरकार को तुरंत 8 से 10 लाख टन प्याज बाजार से उठाना चाहिए। अगर यह प्याज देश के भीतर नहीं खप सकता तो इसका विदेश में निर्यात किया जाए, और वहां भी न बिके तो सरकार इसे खुद जला दे, लेकिन हमारे किसानों को उनका मुआवजा मिलना चाहिए।”
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“ट्रम्प बोले और मोदी डोले…” सोलापुर हाईवे जाम कर बरसीं सांसद प्रणिती शिंदे
नासिक की यह चिंगारी पश्चिमी महाराष्ट्र के सोलापुर तक भी पहुंच गई है। सोलापुर कृषि उत्पन्न बाजार समिति (APMC) के मुख्य द्वार के सामने कांग्रेस शहराध्यक्ष चेतन नरोटे की अगुवाई में सोलापुर-पुणे और सोलापुर-हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्गों को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया। इस चक्का जाम में शामिल हुईं कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने केंद्र सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला। प्रणिती शिंदे ने तंज कसते हुए कहा, “आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर डोनाल्ड ट्रम्प के प्रभाव में काम कर रहे हैं, स्थिति ‘ट्रम्प बोले और मोदी डोले’ जैसी हो गई है। बड़े उद्योगपति अडानी का कर्ज माफ करने वाली यह सरकार हमारे गरीब किसानों को प्याज का दाम देने में नाकाम रही है।”
गंगापुर में सड़क पर फेंका गया प्याज
किसानों की बदहाली का सबसे दुखद और हैरान करने वाला नजारा छत्रपति संभाजीनगर के गंगापुर में देखने को मिला। यहां मंडी में नरहरी रांजणगांव के एक आम किसान लक्ष्मण दुशिंग को अपनी प्याज की फसल का दाम महज 125 रुपये प्रति क्विंटल (यानी सवा रुपया प्रति किलो) ऑफर किया गया। इस बेइज्जती और भारी आर्थिक नुकसान से गुस्साए किसानों का सब्र पूरी तरह टूट गया। उन्होंने गंगापुर-वैजापुर हाईवे के मुख्य गेट के सामने अपनी ही उपजाऊ प्याज की बोरियों को सड़क पर पलटकर रोष प्रकट किया। हालांकि, बढ़ते विवाद को देखते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आश्वासन दिया है कि सरकार ₹15.80 प्रति किलो की दर से प्याज खरीद रही है और सरकार को किसानों की पूरी चिंता है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान इस कागजी आश्वासन को नाकाफी बता रहे हैं।
