नितीन गडकरी अगर मुख्यमंत्री होते तो महाराष्ट्र प्रगतिशील होता, प्रणिती शिंदे ने ऐसा क्यों कहा?

Praniti Shinde Statement On Nitin Gadkari: सोलापूर में आयोजित सरकारी कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक दूरियां तब धुंधली पड़ गईं, जब कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी की जमकर तारीफ।
"If Nitin Gadkari were the Chief Minister, Maharashtra would be progressive" why did Praniti Shinde say this?
नितीन गडकरी व प्रणिती शिंदे (सोर्स: डिजाइन फोटो)
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Praniti Shinde Statement: सोलापूर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक दूरियां तब धुंधली पड़ गईं, जब कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितीन गडकरी की जमकर सराहना की। मौका था सोलापूर में 2,784 करोड़ रुपये की लागत वाली 5 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के भूमिपूजन का, जहाँ प्रणिती शिंदे के एक बयान ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है।

गडकरी के नेतृत्व और कार्यशैली की प्रशंसा

प्रणिती शिंदे ने गडकरी की समावेशी कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे एक ऐसे नेता हैं जिनके दरवाजे सभी सांसदों के लिए, चाहे वे किसी भी दल के हों, हमेशा खुले रहते हैं। शिंदे ने कहा, आज के दौर में जहाँ विरोधियों को अक्सर राजनीतिक शत्रु मान लिया जाता है, वहाँ गडकरी साहब दलीय राजनीति से ऊपर उठकर काम करते हैं। जब मैंने उन्हें पत्र दिया और उन्होंने तुरंत काम को मंजूरी दी, तब मुझे महसूस हुआ कि महाराष्ट्र को आपके जैसे नेतृत्व की कमी खल रही है।

मुख्यमंत्री होते तो महाराष्ट्र की परंपरा होती मजबूत

प्रणिती शिंदे ने भावुक होते हुए कहा कि यदि नितिन गडकरी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री होते, तो राज्य की प्रगतिशील विचारधारा और परंपरा को और अधिक मजबूती मिलती। उन्होंने गडकरी को अपने पिता सुशील कुमार शिंदे का करीबी मित्र बताते हुए कहा कि उनके मुख्यमंत्री रहने से विकास को नई ऊर्जा मिलती और प्रगतिशील महाराष्ट्र का ढांचा और भी सशक्त होता। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए प्रार्थना भी की कि गडकरी के वे पुराने सुनहरे दिन फिर से वापस आएं।

गडकरी का जवाब

अपनी सहज शैली में प्रतिक्रिया देते हुए नितिन गडकरी ने इन तारीफों का श्रेय खुद लेने के बजाय अपनी टीम और जनप्रतिनिधियों को दिया। उन्होंने कहा पालखी मार्ग और अन्य परियोजनाओं का श्रेय हजारों इंजीनियरों, ठेकेदारों और स्थानीय विधायकों व सांसदों को जाता है। गडकरी ने प्रणीती शिंदे और सचिन कल्याणशेट्टी की मांगों को स्वीकार करते हुए सोलापूर रिंग रोड के लिए करोड़ों के फंड की घोषणा की। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में सोलापूर एक बड़ा लॉजिस्टिक हब बनेगा और कश्मीर से कन्याकुमारी तक की कनेक्टिविटी में अहम भूमिका निभाएगा।

प्रणिती शिंदे का यह बयान केवल व्यक्तिगत प्रशंसा नहीं, बल्कि वर्तमान राजनीति में गडकरी की उस सर्वसमावेशी छवि पर मुहर लगाता है, जिसका सम्मान सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष भी करता है। यह घटना दर्शाती है कि विकास के मुद्दों पर वैचारिक मतभेदों के बावजूद एक-दूसरे के प्रति सम्मान की परंपरा आज भी जीवित है।

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