

Mira Road Bakrid Controversy: मीरा रोड का पूनम एस्टेट क्लस्टर-1 रिहायशी परिसर पिछले 48 घंटों से एक राजनीतिक और सांप्रदायिक अखाड़े में तब्दील हो चुका है। सोसाइटी के भीतर मुस्लिम पक्ष द्वारा बड़ी संख्या में बकरियां लाने और अस्थायी शेड बनाने के बाद से ही हिंदू संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा था। सोमवार को दिनभर चले हनुमान चालीसा के पाठ और जय श्री राम के नारों के बीच आधी रात को यह आंदोलन हिंसक झड़प में बदल गया। वीएचपी कार्यकर्ता हर्ष सिंह के अनुसार, आधी रात को एक अज्ञात हमलावर ने वीएचपी के जिला मंत्री नागनाथ कांबले पर चाकू से वार करने की कोशिश की, जिसे रोकने के प्रयास में तीन कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए।
आरोपी को मौके पर मौजूद लोगों ने दबोचकर काशिमीरा पुलिस के हवाले कर दिया, लेकिन इस खूनी संघर्ष के बाद हिंदू संगठनों का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। विरोध के अगले चरण में कुछ प्रदर्शनकारी एक ऑटो रिक्शा में सुअर लेकर सीधे सोसाइटी के मुख्य द्वार पर आ धमके। पुलिस प्रशासन को आशंका थी कि सुअर की मौजूदगी से दंगे जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए वीएचपी कार्यकर्ताओं के हाथों से सुअर को छुड़ाया। इस दौरान मची भगदड़ का फायदा उठाकर ऑटो चालक मौके से फरार हो गया।
इस पूरे विवाद में राजनीतिक बयानबाजी ने घी का काम किया है। बोरीवली से भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने मीडिया से बात करते हुए बेहद कड़ा और विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा, "यदि माइनॉरिटी कम्युनिटी (अल्पसंख्यक समुदाय) देश के संविधान और नियमों को नहीं मानती है, तो हम भी शांत नहीं बैठेंगे। कई रिहायशी सोसाइटियों में बहुसंख्यक लोग परेशान हैं। अगर वे नियम तोड़कर बकरियां लाएंगे, तो हम बकरीद पर बकरियों का जवाब सुअरों से देंगे।" दूसरी तरफ, मुंबई की मेयर रितु तावड़े और अन्य भाजपा नेताओं ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) से मांग की है कि चॉल और रिहायशी सोसाइटियों के भीतर होने वाली कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
बढ़ते बवाल के बीच क्षेत्र के स्थानीय विधायक और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक ने बाहर से आने वाले नेताओं पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "मीरा रोड के लोग समझदार हैं। जो लोग मिश्रित आबादी वाली सोसाइटियों में बकरियां ला रहे हैं, उन्हें दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।" वहीं, समाजवादी पार्टी (SP) के विधायक अबू आसिम आजमी ने मुख्यमंत्री के आश्वासन का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी गैर-कानूनी कुर्बानी नहीं होनी चाहिए। आजमी ने मांग की कि जो नेता सरकारी गाइडलाइंस के खिलाफ जाकर भड़काऊ बयान दे रहे हैं, उन पर पुलिस को तुरंत सख्त दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।