
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Smart Traffic: नासिक आगामी सिंहस्थ कुंभमेले के मद्देनजर नासिक शहर की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्या यानी ‘द्वारका चौक’ के सुधार कार्य को आखिरकार पंख लग गए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले महीने इस प्रोजेक्ट के लिए 214 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी।
आचार संहिता की बाधा हटने के बाद अब धरातल पर काम शुरू हो गया है, जिससे नासिक वासियों की वर्षों पुराने जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित द्वारका चौक शहर का सबसे व्यस्ततम हिस्सा है। वहाँ की चुनौतियां और समाधान कुछ इस तरह हैं। यहां 4 मुख्य सड़कें और 7 उप-सड़कें एक साथ मिलती हैं, जिससे चौबीसों घंटे जाम लगा रहता है।
प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक तरीके से चौक का पुनर्गठन, ग्रेड सेपरेटर (अंडरपास), सर्विस रोड और नई सिग्नल प्रणाली विकसित की जाएगी। राहगीरों के लिए विशेष सुविधाएं और फुट ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। इस बदलाव से एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं की गति बढ़ेगी और यात्रियों के समय व ईंधन की बचत होगी।
द्वारका चौक पर अंडरपास का काम शुरू होने के कारण प्रशासन ने 30 जनवरी से 29 अप्रैल 2026 तक भारी वाहनों, निजी बसों, एसटी और सिटीलिक बसरों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। यातायात सहायक पुलिस आयुक्त संदीप मिटके ने नागरिकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है ताकि निर्माण कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जा सके।
नासिकरोड से मुंबई भारी वाहन सिन्नर फाटा, दत्त मंदिर सिग्नल और फेम सिग्नल से होते हुए रविशंकर मार्ग और गरवारे पॉइंट के रास्ते जाएंगे।
पुणे से नासिक त्र्यंबकेश्वरः एसटी बसै सिन्नर फाटा, सम्राट सिग्नल, वडाळा गांव, लेखानगर और इंदिरा नगर टनल से होते हुए ठक्कर बाजार (मेळा स्थानक) पहुंचेगी, सिटीलिक यसैः शालिमार से नासिकरोड़ के बीच चलने वाली बसें अब खहकाळी सिग्नल, सारद्वा चौक, मदिना चौक और अशोका सिग्नल के रास्ते चलेंगी।
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कुंभ मेले के दौरान देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के नासिक आने की संभावना है। ऐसे में द्वारका चौक का यह सुचार प्रोजेक्ट शहर की छवि बदलने में मील का पत्थर साबित होगा, प्रशासन ने हल्के वाहनों के चालकों से भी अनुरोध किया है कि वे भीड़भाड़ से बचने के लिए आआंतरिक सड़कों और वैकल्पिक रास्तों का सहारा लें।






