किसान संकट महाराष्ट्र( सोर्स: सोशल मीडिया )
Agriculture Loss Maharashtra: धुले अप्रैल की शुरुआत में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने जिले को खेती को झकझोर कर रख दिया है। 1 और 2 अप्रैल को आए इस प्राकृतिक कहर में 253 गांवों के 20,583 किसानों की 12,753.32 हेक्टेयर फसल चौपट हो गई है।
प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, खेतों में खड़ी फसलें कटाई से ठीक पहले जमीन पर गिर गईं, जिससे अन्नदाता को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
साक्री, शिंदखेड़ा और धुले तालुका इस आपदा के केंद्र रहे हैं। यहां नुकसान का पैमाना सबसे अधिक दर्ज किया गया है, साक्री: 64 गांच, 10,729 प्रभावित किसान। शिंदखेड़ाः 107 गांव, 6,255 प्रभावित किसान। धुले व अन्यः अन्य तालुकों में भी दूसरे दिन ओलावृष्टि से नुकसान का दायरा बढ़ गया।
1 अप्रैल को शुरू हुई बारिश ने 2 अप्रैल को ओलावृष्टि के साथ और विकराल रूप ले लिया। पहले दिन करीब 1900 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ था, जो अगले दिन तेजी से बढ़कर 12 हजार हेक्टेयर के पार पहुँच गया।
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जिला प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता को देखते हुए सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को तत्काल पंचनामा करने और राहत प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। कटाई के समय आई इस आफत ने किसानों की पूरी साल की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अब जिले के हजारों किसानों की नजरें सरकारी मुआवजे और आर्थिक सहायता पर टिकी हैं।