UGC संशोधन और SC-ST एक्ट के पर सवर्ण समाज का हल्लाबोल! नियमों को लेकर केंद्र सरकार से की ये मांग

UGC Amendment Protest 2026: यूजीसी संशोधन और SC-ST एक्ट के खिलाफ सवर्ण समाज का हल्लाबोल! करणी सेना और ब्राह्मण सेना ने निष्पक्ष जांच और शिक्षा में समानता की मांग की। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Savarna organizations protest against UGC amendments and SC-ST Act misuse. Demand equal rights for EWS students and fair investigation before legal action.
सवर्ण समाज का विरोध (सौजन्य-नवभारत)
Published on
Updated on

Karni Sena Protest Vidarbha: सवर्ण समाज से जुड़े संगठनों ने यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) में किए गए हालिया संशोधन तथा एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग के विरोध में रविवार, 1 फरवरी 2026 को आंदोलन किया। यह आंदोलन श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना एवं ब्राह्मण सेना के नेतृत्व में समस्त सवर्ण समाज द्वारा किया गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि यूजीसी कानून में किए गए संशोधन में ओबीसी वर्ग को सम्मिलित किया गया है।

लेकिन ओपन (सवर्ण) वर्ग को किसी प्रकार की प्राथमिकता या सुविधा नहीं दी गई जिससे पूरे देश में सवर्ण समाज में नाराजगी है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन संशोधनों पर रोक लगाए जाने से समाज को कुछ राहत जरूर मिली है लेकिन कोर्ट ने केंद्र सरकार को नये सिरे से नियम और शर्तें तय करने का समय भी दिया है। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में प्रत्येक विश्वविद्यालय एवं शैक्षणिक संस्था की यूजीसी समिति में सवर्ण समाज का एक सदस्य अनिवार्य किया जाए।

सरकार के सामने रखी ये मांग

शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखने का निर्णय रद्द करने, किसी भी शिकायत पर पहले निष्पक्ष जांच हो, आरोप सिद्ध होने पर ही छात्र के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए, सवर्ण समाज की छात्राओं के लिए यूजीसी के अंतर्गत विशेष महिला समिति का गठन करने, यदि शिकायत झूठी या दुर्भावनापूर्ण पाई जाए तो शिकायतकर्ता पर कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान करने, ईडब्ल्यूएस श्रेणी में आने वाले सवर्ण समाज के छात्रों को वही मूलभूत सुविधाएं दी जाएं जो अन्य आरक्षित वर्गों को मिलती हैं और शिक्षा में समानता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक नियमों में संशोधन सरकार द्वारा किया जाए।

आंदोलनकारियों ने लगाए आरोप

आंदोलनकारियों ने यह भी आरोप लगाया गया कि एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग हो रहा है जिसके कारण छात्र, अधिकारी, समाजसेवी एवं सवर्ण समाज के अनेक लोग आज भी पीड़ित हैं। आंदोलनकारियों ने केंद्र सरकार से मांग की कि जाति आधारित कानूनों को समाप्त कर सभी के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव खत्म हो सके।

आंदोलन में विशेष रूप से श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना विदर्भ अध्यक्ष सुमित सिंह ठाकुर, महासचिव जीत सिंह बुंदेला, ब्राह्मण सेना अध्यक्ष मनीष त्रिवेदी, राष्ट्रीय प्रवक्ता सूरज सिंह ठाकुर, सत्यम ठाकुर, अमित शुक्ला, राहुल बैस, बीरू सिंह, गजेंद्र राठौड़, गौरव बैस, प्रवीण सिंह, विक्की पांडे, अखिलेश ठाकुर, शुभम ठाकुर, ऋषभ सिंह ठाकुर सहित बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग उपस्थित थे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com