इनोवेटिव टेक्नोलॉजी कोर्सेस पर रहेगा फोकस, डॉ. मनाली क्षीरसागर ने संभाला RTMNU के VC का पदभार

Nagpur University: RTMNU की नई VC डॉ. मनाली क्षीरसागर ने पदभार संभालते ही इनोवेटिव टेक्नोलॉजी कोर्स, समय पर परीक्षा परिणाम और प्रशासनिक सुधार पर फोकस का संकेत दिया।
Nagpur University: RTMNU की नई VC डॉ. मनाली क्षीरसागर ने पदभार संभालते ही इनोवेटिव टेक्नोलॉजी कोर्स, समय पर परीक्षा परिणाम और प्रशासनिक सुधार पर फोकस का संकेत दिया।
डॉ. मनाली क्षीरसागर (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur University VC: राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की 25वीं नियमित उपकुलपति के रूप में डॉ. मनाली क्षीरसागर ने बुधवार को पदभार संभाला। उन्हें प्रभारी उपकुलपति माधवी खोडे चवरे ने जिम्मेदारी सौंपी। इस दौरान पत्रकारों से चर्चा में क्षीरसागर ने बताया कि इनोवेटिव टेक्नोलॉजी वाले पाठ्यक्रम शुरू कर छात्रों में रोजगार की क्षमता निर्माण करने पर फोकस किया जाएगा।

यह समय की भी जरूरत है। उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार मैनपावर तैयार करने का प्रयास किया जाएगा। डॉ. क्षीरसागर ने बताया कि फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती शीत और ग्रीष्म सत्र की परीक्षाएं समय पर लेना और परिणाम घोषित करना है। सॉफ्टवेयर कंपनी बदली है। नई कंपनी की दिक्कतें का समाधान जल्द ही निकाला जाएगा। उन्हें संपूर्ण डेटा उपलब्ध कराया जाएगा। देरी से परीक्षा शुरू हुई है।

इस वजह से जल्दी परीक्षाएं निपटाने के लिए शीत सत्र परीक्षाएं 3 शिफ्ट में लेने के लिए समीक्षा की जाएगी। जिन परीक्षाओं का टाइम टेबल घोषित नहीं किया गया है, वह जल्द ही जारी किया जाएगा। ग्रीष्म सत्र परीक्षाएं समय पर लेने के लिए योग्य नियोजन किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली को समझने के बाद जहां जरूरत होगी वहां सुधार किया जाएगा।

कार्यकाल की प्राथमिकताएं

1. छात्र संघ चुनाव के लिए एक्ट का अवलोकन करने के बाद ग्राउंड लेवल पर क्या किया जा सकता है उस पर ध्यान केंद्रित करना और प्रक्रिया की शुरुआत करना।

2. पद भर्ती गंभीर मुद्दा है। एलआईटी के बाहर जाने से पदों की संरचना बदल गई है। अब विश्वविद्यालय के हिस्से में आने वाले पदों पर भर्ती के लिए सरकार के साथ फॉलोअप किया जाएगा।

3. पहले प्र-उपकुलपति की नियुक्ति के लिए राज्यपाल को नाम भेजा जाएगा। इसके बाद अधिष्ठाताओं की नियुक्ति प्रक्रिया की शुरुआत की जाएगी।

4. विदेशी छात्रों को आकर्षित करने के लिए एनआईआरएफ रैंकिंग में सुधार की दिशा में कार्य किया जाएगा। पूर्व छात्रों के ज्ञान और अनुभव का लाभ छात्रों के विकास के लिए किया जाएगा।

5. तकनीक की मदद से प्रशासकीय कार्य को त्वरित बनाने के लिए उपाय योजना लागू की जाएगी। परीक्षाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एकेडमिक ऑडिट जैसी प्रणाली को लागू किया जाएगा।

6. यह सच है कि विश्वविद्यालय की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है लेकिन फीस वृद्धि में संतुलन बनाकर आय के स्रोत बढ़ाने के लिए प्लानिंग की जाएगी। इस संबंध में गठित समितियों की समीक्षा की जाएगी।

9 जनवरी को दीक्षांत समारोह

कुलसचिव डॉ. राजू हिवसे ने बताया कि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 9 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में राज्यपाल कार्यालय से मंजूरी मिल गई है। फिलहाल अतिथि का नाम फाइनल नहीं किया गया है। समारोह में छात्रों को डिग्रियां और पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा।

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