Nagpur Violence: ये लोग गुंडे हैं...बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद पर लगेगा बैन! नागपुर हिंसा पर बरसे पप्पू यादव, बोले- अपराधी...!

देश में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद सक्रिय दलों में से एक है। नागपुर में विहिप और बजरंग दल के प्रदर्शन के बाद भड़की हिंसा के कारण अब दलों पर बैन लगाने की मांग तेजी से उठने लगी है।
पप्पू यादव ने नागपुर हिंसा को लेकर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद पर प्रतिबंध लगाने की मांग की
पप्पू यादव ने बैन की मांग की (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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नागपुर: सोमवार को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के प्रदर्शन के बाद नागपुर में शाम के समय हिंसा भड़क गई। इस मुद्दे ने देश भर में हलचल पैदा कर दी है। लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने नागपुर में हुई हालिया हिंसा के मद्देनजर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) पर प्रतिबंध लगाने की मांग की और उनके सदस्यों को "गुंडे" करार दिया।

पप्पू यादव ने दावा किया कि ये समूह, जिनके बारे में उनका मानना ​​है कि सरकार द्वारा संरक्षित हैं, देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं और इसकी आर्थिक प्रगति को खतरे में डाल रहे हैं। हिंसा के बारे में बोलते हुए, लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने कहा, "बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के लोग गुंडे हैं; उन्हें प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। इन लोगों को सरकार द्वारा संरक्षित किया जाता है। मेरा मानना ​​है कि अब देश की अर्थव्यवस्था और प्रगति प्रभावित हो रही है। इस पर अब सोचने की जरूरत है।"

अपराधी अपराधी होता है - पप्पू यादव

पप्पू यादव ने जेडी(यू) नेता संजीव कुमार की बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपराधियों से निपटने के लिए 'योगी मॉडल' - कानून प्रवर्तन के लिए एक सख्त दृष्टिकोण - को लागू करने की मांग पर भी प्रतिक्रिया दी। पप्पू यादव ने कहा, "कोई योगी मॉडल नहीं है। अपराधी अपराधी ही होता है और उसे जाति या धर्म के आधार पर वर्गीकृत नहीं किया जा सकता। लोगों ने हमेशा बिहार का अनुसरण किया है, न कि इसके विपरीत।" इस बीच, 17 मार्च को भड़की हिंसक झड़पों के बाद नागपुर के 10 पुलिस थाना क्षेत्रों में लगातार दूसरे दिन भी कर्फ्यू लगा हुआ है। गौरतलब है कि गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की कई धाराओं के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम जैसे अन्य कानूनों के तहत एक प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। पुलिस निरीक्षक जितेंद्र बाबूराव गाडगे ने शिकायत दर्ज की और प्राथमिकी में कई नाबालिगों सहित 51 व्यक्तियों के नाम दर्ज किए गए। आरोपी मुख्य रूप से नागपुर शहर के हैं, जो जाफर नगर, ताजबाग, मोमिनपुरा और भालादापुरा जैसे इलाकों में रहते हैं।

पुलिस की चेतावनी के बावजूद पत्थरबाजी

एफआईआर के अनुसार, "जब भीड़ ने पुलिस अधिकारियों पर पत्थरबाजी और पेट्रोल बम फेंकना शुरू किया तो विरोध हिंसक हो गया। कथित तौर पर पुलिस पर कुल्हाड़ी और लोहे की छड़ जैसे घातक हथियारों से हमला किया गया। पुलिस द्वारा बार-बार तितर-बितर होने की चेतावनी के बावजूद भीड़ हिंसक कार्रवाई करती रही, जिससे पुलिस कर्मियों और नागरिकों दोनों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया।" महाराष्ट्र से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…

कर्फ्यू का उल्लंघन करना दंडनीय - योगेश कदम

महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा की निंदा की है और कहा है कि यह बहुत गंभीर मामला है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) स्तर के अधिकारियों और अन्य पुलिस कर्मियों पर हमला करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें बंद करने का अधिकार दिया गया है। कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाला कोई भी व्यक्ति "भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत दंडनीय है।"

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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