कोविड के बाद से हरियाणा में 18000 युवाओं के दिल ने दिया 'धोखा', हार्ट अटैक से मौत का आंकड़ा देख हिल जाएंगे आप

Haryana News: हरियाणा विधानसभा में पेश रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में युवाओं के दिल कमजोर हो रहे हैं। कोरोना काल से अब तक 18 से 45 आयु वर्ग के 17,973 लोगों की हार्ट अटैक से मौत हुई है।
Since the COVID-19 pandemic, the hearts of 18,000 youths in Haryana have 'given way'—the statistics on deaths caused by heart attacks will leave you shaken.
सांकेतिक तस्वीर (Image- Social Media)
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Haryana Heart Failure Data: हरियाणा में दिल के दौरे से होने वाली मौतों के आंकड़े चौंकाने वाले सामने आए हैं। विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2020 से 2026 के बीच 18 से 45 साल की उम्र के लगभग 18,000 लोग हार्ट फेलियर के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। यह जानकारी कांग्रेस के एक विधायक के सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने दी। विधायक ने पूछा था कि 2020 से अब तक हरियाणा में 18-45 साल की उम्र के कितने युवाओं की दिल के दौरे या हार्ट फेलियर से मौत हुई है, और इन मौतों का जिला-वार विवरण क्या है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार ने इस बात का अध्ययन किया है कि क्या इन मौतों का कोई संबंध COVID-19 संक्रमण या COVID-19 वैक्सीनेशन से है।

कितनी हुई मौतें?

सरकार के जवाब में बताया गया कि 2020 से 2025 तक ऐसी मौतों की संख्या में साल दर साल बढ़ोतरी देखी गई है। 2020 में 2,394 मौतें हुईं, 2021 में 3,188, 2022 में 2,796, 2023 में 2,886, 2024 में 3,063, 2025 में 3,255 और जनवरी 2026 तक 391 मौतें रिपोर्ट की गईं। इस प्रकार, इन छह वर्षों में कुल 17,973 मौतें हार्ट फेलियर के कारण हुईं।

जिलों के आंकड़े

विभिन्न जिलों में इन मौतों की संख्या में बहुत अंतर देखने को मिला। यमुनानगर जिले में 2020 से 2025 के बीच हर साल ऐसी मौतों की संख्या 387, 461, 375, 378, 410 और 389 रही। वहीं, रोहतक जिले में यह आंकड़ा काफी कम था, जहां 33, 41, 40, 27, 30 और 30 मौतें रिपोर्ट की गईं। गुरुग्राम जिले में यह संख्या 113, 105, 116, 114, 93 और 83 थी।

क्या COVID-19 या वैक्सीनेशन का कोई संबंध है?

इसके बावजूद, स्वास्थ्य मंत्री ने साफ किया कि इस बारे में कोई सर्वे या अध्ययन नहीं किया गया है। हरियाणा सरकार ने यह भी बताया कि मौजूदा समय में महामारी और युवाओं में हृदय संबंधी समस्याओं (कार्डियक फेलियर) के बीच कोई स्पष्ट संबंध नहीं पाया गया है। इस मुद्दे पर सरकार की ओर से अब तक कोई विशेष कार्रवाई भी सामने नहीं आई है।

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