मुंबई के दिंडोशी में तेंदुए की दहशत, कुत्ते के शिकार का दिल दहलाने वाले वीडियो, इलाके में पसरा खौफ

Dindoshi Leopard News: मुंबई के दिंडोशी की रहेजा हाइट्स सोसाइटी में तेंदुए ने घुसकर कुत्ते का शिकार किया। सीसीटीवी फुटेज वायरल होने से फिल्म सिटी रोड इलाके में भारी खौफ है।
Leopard Dog Attack Video Goregaon
Leopard Dog Attack Video Goregaon (फोटो क्रेडिट-X)
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Leopard Dog Attack Video Goregaon: मुंबई के गोरेगांव पूर्व स्थित दिंडोशी इलाके में एक बार फिर तेंदुए की आहट ने स्थानीय निवासियों की रातों की नींद उड़ा दी है। विशेष रूप से फिल्म सिटी रोड पर स्थित 'रहेजा हाइट्स' जैसी हाई-प्रोफाइल सोसाइटी के परिसर में तेंदुए के दाखिल होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। 17 मार्च की तड़के हुई इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक तेंदुआ खामोशी से सोसाइटी के गेट के भीतर दाखिल होता दिखाई दे रहा है।

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) की सीमा से सटे होने के कारण इस इलाके में वन्यजीवों का आना-जाना कोई नई बात नहीं है लेकिन रिहायशी इमारतों के भीतर तक शिकार की तलाश में पहुंचना बेहद चिंताजनक है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तेंदुआ किस तरह फुर्ती से वहां सो रहे एक लावारिस कुत्ते पर हमला करता है और उसे पलक झपकते ही दबोचकर अंधेरे में गायब हो जाता है। इस भयावह दृश्य ने 675 फ्लैट्स वाली इस बड़ी आवासीय बस्ती के लोगों के मन में गहरा खौफ पैदा कर दिया है।

रहेजा हाइट्स सोसायटी में दहशत का माहौल

इस घटना के बाद रहेजा हाइट्स और आसपास की अन्य सोसायटियों में रहने वाले हजारों लोग डरे हुए हैं क्योंकि यह परिसर आईटी पार्क के बिल्कुल पास स्थित है जहां रात-दिन लोगों की आवाजाही बनी रहती है। निवासियों का कहना है कि तेंदुए का इस तरह गेटेड कम्युनिटी के भीतर घुसना उनकी सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। विशेष रूप से सुबह की सैर पर निकलने वाले वरिष्ठ नागरिकों और नीचे खेलने वाले बच्चों के माता-पिता अब बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। स्थानीय प्रबंधन ने निवासियों को सतर्क रहने और रात के समय अकेले बाहर न निकलने की सलाह जारी की है।

वन विभाग की टीम और सुरक्षा उपाय

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों को सूचित किया गया है जिन्होंने इलाके का मुआयना शुरू कर दिया है। वन विभाग की टीम ने पुष्टि की है कि तेंदुए अक्सर शिकार की तलाश में रिहायशी इलाकों की तरफ रुख करते हैं क्योंकि यहां उन्हें आसानी से कुत्ते या अन्य छोटे जानवर मिल जाते हैं। विभाग ने फिलहाल इलाके में गश्त बढ़ा दी है और सोसाइटी के सुरक्षा गार्डों को टॉर्च व डंडे के साथ मुस्तैद रहने को कहा गया है। इसके अलावा अधिकारियों ने झाड़ियों की छंटाई करने और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए हैं ताकि तेंदुए को छिपने की जगह न मिल सके।

मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती चुनौतियां

मुंबई जैसे महानगर में कंक्रीट के जंगलों का विस्तार सीधे तौर पर प्राकृतिक जंगलों की सीमाओं को छू रहा है जिससे मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। दिंडोशी और गोरेगांव के पहाड़ी इलाकों में तेंदुए की सक्रियता हमेशा से रही है लेकिन सुरक्षा दीवारों को फांदकर भीतर आना वन प्रबंधन के लिए एक नई चुनौती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कचरे के ढेर और लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या इन शिकारियों को इंसानी बस्तियों की ओर आकर्षित करती है। प्रशासन अब इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या इस विशिष्ट क्षेत्र में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की आवश्यकता है।

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