गोंदिया में धान खरीदी का लक्ष्य खत्म, 10 दिनों से खुले में पड़ा है धान; बारिश हुई तो हो जाएगी बर्बाद

District Marketing Federation Gondia: गोंदिया में धान खरीदी का लक्ष्य खत्म! 50,380 किसान समर्थन मूल्य से रह सकते हैं वंचित। बेमौसम बारिश का डर और खुले में पड़ा हजारों क्विंटल धान। जानें ताजा अपडेट।
50,380 registered farmers in Gondia risk losing MSP as paddy procurement target ends. District Marketing Federation seeks 10 lakh quintal target increase.
गोंदिया धन खरीदी केंद्र (सौजन्य-नवभारत)
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Gondia Paddy Procurement 2026: खरीफ सीजन के लिए सरकार की तरफ से जिला मार्केटिंग फेडरेशन को दिया गया धान खरीदी का लक्ष्य 10 दिन पहले खत्म हो गया। लेकिन, इसके बाद भी 50,453 पंजीकृत किसान धान बेचने का इंतजार कर रहे हैं। इसलिए फेडरेशन ने सरकार से 10 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग की है। लेकिन, सरकार ने अभी तक लक्ष्य नहीं बढ़ाया है, जिससे जिले के 50 हजार किसानों के समर्थन मूल्य से वंचित रहने की संभावना है।

खरीफ सीजन में धान की खरीदी 31 मार्च तक होती है। हालांकि इस अवधि के खत्म होने में सिर्फ 12 दिन बचे हैं, लेकिन सरकार ने धान खरीदी का लक्ष्य नहीं बढ़ाया है। खरीफ सीजन में जिले में 1.92 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होती है। करीब 60 लाख क्विंटल धान की पैदावार होती है। हर साल जिले के 1.5 लाख से ज्यादा किसान जिला मार्केटिंग फेडरेशन के सरकारी धान खरीदी केंद्र पर 40 लाख क्विंटल समर्थन मूल्य पर धान बेचते हैं।

धान खरीदी का लक्ष्य बढ़ने की उम्मीद में जिले के कई किसान अपना धान बेचने के लिए सरकारी धान खरीदी केंद्र पर ले गए हैं। यह धान पिछले आठ से दस दिनों से खुले में पड़ा है। मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है, और अगर बेमौसम बारिश होती है, तो इस धान पर असर पड़ने की संभावना है।

किसानों की चिंता बढ़ी

इस वर्ष जिले में 1,32,614 किसानों ने सरकारी धान खरीदी केंद्र पर धान बेचने के लिए पंजीयन कराया था। इनमें से 82,234 किसानों ने अब तक सरकारी धान खरीदी केंद्र पर 25.92 लाख क्विंटल धान बेचा है। धान खरीदी का लक्ष्य पूरा हो जाने के कारण 50 हजार किसान धान बेचने से वंचित हैं।

  • कुल पंजीकृत किसान (लाख में) - 1.32
  • धान बेच चुके किसान - 82,234
  • अब तक कुल खरीदी धान(लाख क्विं) - 25.92

इस वर्ष सरकार ने शुरू से ही धान खरीदी का लक्ष्य कम दिया है। खरीफ में धान की खरीदी 31 मार्च तक होती है। लेकिन, सरकार ने अभी तक धान खरीदी का लक्ष्य नहीं बढ़ाया है और इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

लक्ष्य 10 लाख क्विंटल बढ़ाएं

50,000 से ज्यादा पंजीकृत किसान धान बेचने से वंचित हैं, इसलिए उन्होंने सरकार को पत्र भेजकर धान खरीदी का लक्ष्य 10 लाख क्विंटल बढ़ाने की मांग की है। उम्मीद है कि जल्द ही लक्ष्य बढ़ा दिया जाएगा। - विवेक इंगले, जिला मार्केटिंग फेडरेशन अधिकारी

किसानों को 208 करोड़ रु. का भुगतान

सरकारी धान खरीदी केंद्र पर धान बेचने वाले 40,000 से अधिक किसानों का बकाया 2 महीने से लंबित था। 3 दिन पहले सरकार ने इसके लिए फेडरेशन को 208 करोड़ रु. का निधि दिया। जैसे ही निधि मिला, उसे किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया।

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