राज्य चुनाव आयोग पर चलेगा महाभियोग? नाना पटोले ने किया आह्वान, कहा- सदन का विशेष सत्र बुलाओ

Nana Patole On Election Commission: नाना पटोले ने राज्य चुनाव आयोग पर अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए चुनाव आयुक्त पर महाभियोग और विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की।
Nana Patole On Election Commission: नाना पटोले ने राज्य चुनाव आयोग पर अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए चुनाव आयुक्त पर महाभियोग और विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की।
नाना पटोले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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SEC Controversy: नागपुर में वरिष्ठ कांग्रेस नेता नाना पटोले ने स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़ी अव्यवस्था को लेकर राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) के साथ-साथ राज्य सरकार पर कड़ा हमला बोला है। नाना पटोले ने मतदाताओं के बीच भ्रम और परेशानी पैदा करने के लिए एसईसी को जिम्मेदार ठहराया और राज्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने की मांग की। उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की भी मांग की।

मुख्यमंत्री के बयान पर सवाल

मीडिया से बात करते हुए पटोले ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद स्वीकार करते हैं कि उन्होंने एसईसी द्वारा ऐसा कदम पहले कभी नहीं देखा। अगर मुख्यमंत्री इस बात को मानते हैं तो संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए। हम इसका पूरा समर्थन करेंगे। पटोले ने कहा कि यह पहली बार है जब हमने इतनी अनियमितताएं देखी हैं। अगर सरकार कार्रवाई करने का इरादा नहीं दिखाती है तो लोगों को स्वाभाविक रूप से संदेह होगा कि वे एसईसी को बचा रहे हैं।

लोकतंत्र की हत्या का आरोप

पटोले ने एसईसी पर दिन के उजाले में ‘लोकतंत्र का गला घोंटने’ का आरोप लगाया और दावा किया कि यह ‘लोकतांत्रिक सिद्धांतों की हत्या’ कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनता का गुस्सा बढ़ रहा है और विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस अपनी आवाज उठाती रहेगी।

पैसे के वितरण का आरोप

साकोली के विधायक ने चुनाव के दौरान कथित धांधली को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा पर भी निशाना साधा और दावा किया कि कई स्थानों पर बड़ी मात्रा में नकदी जब्त की गई है। पटोले ने आरोप लगाया कि नीलेश राणे ने भाजपा की नकदी को उजागर किया और भाजपा ने शिवसेना की नकदी को उजागर किया। बूथों पर खुलेआम पैसा बांटा गया। शाहू, फुले और आंबेडकर की भूमि महाराष्ट्र में वोट कभी खरीदे नहीं जाते थे लेकिन इस बार सत्तारूढ़ दल ने राज्य को शर्मिंदा किया है।

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