Maharashtra factory blast (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nagpur Blast: महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को कहा कि नागपुर स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में हुए विस्फोट के मामले में प्रथम दृष्टया कंपनी की ओर से “लापरवाही” सामने आई है और विस्फोटक सामग्री निर्माता ने सुरक्षा उपायों का समुचित पालन नहीं किया। जिला प्रभारी मंत्री बावनकुले ने घटना के संबंध में यहां हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि कंपनी मृतकों के परिजनों को 75-75 लाख रुपये और घायलों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देगी।
उन्होंने कहा कि कंपनी के अलावा पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय और श्रम आयुक्तालय के अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी तथा दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
LIVE |📍नागपूर | पत्रकारांशी संवाद (2/03/2026) https://t.co/eaA8qY69ML — Chandrashekhar Bawankule (@cbawankule) March 2, 2026
यह विस्फोट रविवार सुबह नागपुर के काटोल तहसील के राउलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड की डेटोनेटर पैकिंग इकाई में हुआ। यह कंपनी खनन एवं औद्योगिक विस्फोटक सामग्री का निर्माण करती है। अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट में 19 लोगों की मौत हुई है और 23 अन्य घायल हुए हैं।
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बावनकुले ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की प्रारंभिक रिपोर्ट में कंपनी की ओर से “लापरवाही” के संकेत मिले हैं और सुरक्षा उपायों का ठीक से पालन नहीं किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में कंपनी के नौ निदेशकों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि कलमेश्वर थाना पुलिस ने एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के 21 निदेशकों और शेयरधारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)