कातखेड की खदानों में ब्लास्टिंग से ग्रामीण परेशान, कंपन और प्रदूषण पर उठे सवाल
Katkhed Mining Blasting: अकोला जिले की बार्शीटाकली तहसील के कातखेड क्षेत्र में खदानों में हो रही लगातार ब्लास्टिंग और स्टोन क्रशरों से फैल रहे धूल प्रदूषण के कारण ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
Dust Pollution (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Barshitakli Quarry Blasting: बार्शीटाकली तहसील के कातखेड क्षेत्र में संचालित खदानों में किए जा रहे विस्फोटों ब्लास्टिंग के कारण स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदानों में उच्च क्षमता वाले विस्फोटकों का उपयोग कर लगातार ब्लास्टिंग की जा रही है, जिससे आसपास के गांवों में तेज कंपन महसूस होता है और लोगों के जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, विस्फोटों के दौरान उत्पन्न होने वाले कंपन से घरों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।
कई लोगों ने बताया कि बारबार होने वाले धमाकों से मकानों में दरारें पड़ने का डर बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि कई वर्षों से जारी है। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
स्टोन क्रशरों से बढ़ रहा प्रदूषण
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खदान क्षेत्र में संचालित स्टोन क्रशरों से बड़ी मात्रा में धूल उड़ रही है। यह धूल हवा के माध्यम से गांव की बस्तियों तक पहुंच रही है, जिससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है। धूल के कारण लोगों को दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और आसपास का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
समृद्धि महामार्ग पर गुटखा तस्करी का भंडाफोड़, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 60.80 लाख रुपये का माल किया जब्त
मराठा छात्रों को मिलेगा OBC की तरह लाभ? जानें मराठा समाज के लिए देवेंद्र फडणवीस सरकार का ये बड़ा ऐलान
महाराष्ट्र राजनीति में भूचाल: नामांकन वापस लेने पर कांग्रेस उम्मीदवार शैलेश अग्रवाल पार्टी से निष्कासित
अमरावती विधान परिषद चुनाव: विप्लव बाजोरिया को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट जाने का विचार त्यागा
ये भी पढ़े: ‘शिवतीर्थ’ पर राज ठाकरे से अचानक मिलने पहुंचे संजय राउत; विधान परिषद चुनाव के बीच मुलाकात से मची खलबली
स्वास्थ्य पर पड़ रहा प्रतिकूल असर
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार फैल रहे धूल प्रदूषण के कारण श्वसन संबंधी बीमारियों सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर इसका अधिक प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से खदानों में हो रही ब्लास्टिंग और स्टोन क्रशरों से फैल रहे प्रदूषण की तत्काल जांच कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसके लिए प्रशासन ही पूरी तरह से जिम्मेदार रहेगा।
