मुझे बचा लो वरना... 13 साल की बच्ची के साथ एक साल से हो रहा था घिनौना काम, 1098 पर आई कॉल ने खोला खौफनाक सच

Nagpur Crime News: नागपुर के सावनेर में 13 वर्षीय बच्ची ने 1098 पर कॉल कर आत्महत्या की चेतावनी दी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और एक साल से उसके साथ हो रहे घिनौना काम का खुलासा हुआ।
Nagpur Child Abuse Case
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Saoner Child Abuse Case: नागपुर जिले की सावनेर तहसील के एक गांव से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। 13 वर्षीय एक बच्ची ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कॉल किया और कहा, ‘जल्दी आओ, वरना मैं फांसी लगा लूंगी, मेरी मदद करो।’ इसके बाद उस पर बीते एक वर्ष से हो रहे गंभीर अत्याचारों का पर्दाफाश हुआ। चाइल्ड हेल्पलाइन नागपुर और सावनेर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़िता का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया और 3 नराधम आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता के माता-पिता रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं। इस कारण वह अपनी दादी के साथ रह रही थी। इसी स्थिति का फायदा उठाकर पड़ोस में रहने वाले 3 लोगों ने लंबे समय तक उस पर अत्याचार किए। आरोपियों ने पीड़िता को लगातार धमकाकर चुप रहने को मजबूर किया और किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।

चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर किया कॉल

ऐसे में डर और मानसिक दबाव में जी रही बच्ची ने आखिरकार 31 जनवरी 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कॉल कर कहा, ‘जल्दी आइए, नहीं तो मैं अपनी जान दे दूंगी।’ इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम तत्काल गांव पहुंची। महिला प्रतिनिधियों द्वारा विश्वास दिलाए जाने पर बच्ची ने अपनी आपबीती बताई।

रोंगटे खड़े करने वाला कॉल

बच्ची के इस रोंगटे खड़े करने वाले कॉल से पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम भी सकते में आ गई। सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन ने सावनेर पुलिस से संपर्क कर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भी बिना देरी किए कार्रवाई करते हुए पीड़िता का सुरक्षित रेस्क्यू किया और तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया।

इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ पोक्सो अधिनियम 2012 और आईटी अधिनियम के तहत गंभीर अपराध दर्ज किए गए हैं। फिलहाल पीड़िता की चिकित्सकीय जांच कराई जा चुकी है और उसकी सुरक्षा व पुनर्वास के लिए उसे बाल गृह में रखा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

यह कार्रवाई जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे के मार्गदर्शन में गोपनीय और योजनाबद्ध तरीके से की गई। इस अभियान में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुस्ताक पठान, केस सुपरवाइजर अनिकेत भिवगड़े, केस वर्कर मीनाक्षी धडाडे सहित चाइल्ड हेल्पलाइन और सावनेर पुलिस की टीम ने अहम भूमिका निभाई।

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