India-US Trade Deal: किसानों से समझौता नहीं, कृषि और डेयरी सेक्टर डील से बाहर; सरकार ने साफ कर दी तस्वीर

Piyush Goyal: अमेरिका के कृषि मंत्री ने दावा किया है कि इस डील से अमेरिकी कृषि उत्पादों का निर्यात भारत में बढ़ेगा। लेकिन भारत सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि भारत अपनी पुरानी नीति पर कायम रह सकता है।
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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Piyush Goyal On India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका ट्रेड डील का इंतजार खत्म हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत पर लगाए भारी 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी करने का ऐलान कर दिया है। अब इस सरकार की ओर से आधिकारिक बयान सामने आया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आज देश भर में हर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दे रहा है कि उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक बहुत अच्छा व्यापार समझौता किया है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। पीयूष गोयल ने आगे कहा कि राहुल गांधी ट्रेड डील पर देश के लोगों को झूठ के सहारे गुमराह कर रहे हैं।

भारत सरकार ने साफ कर दी तस्वरी

अमेरिका के कृषि मंत्री ने दावा किया है कि इस डील से अमेरिकी कृषि उत्पादों का निर्यात भारत में बढ़ेगा। लेकिन भारत सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि भारत अपनी पुरानी नीति पर कायम रह सकता है। इसके तहत संवेदनशील कृषि उत्पादों और डेयरी सेक्टर को ट्रेड डील से बाहर रखा जाएगा। माना जा रहा है कि इन क्षेत्रों में बड़े स्तर पर बाजार खोलने की संभावना काफी कम है।

India-US ट्रेड डील पर क्या है अपडेट?

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत और अमेरिका के वार्ताकार इस समय डील से जुड़े दस्तावेजों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। कस्टम्स प्रोसीजर और ट्रेड फैसिलिटेशन जैसे अध्यायों पर भी काम चल रहा है, जिनका उद्देश्य सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। इन पहलुओं का ऐलान आने वाले समय में किया जा सकता है। फिलहाल इतना तय है कि India-US ट्रेड डील का पूरा खाका सामने आने में अभी थोड़ा वक्त लगेगा और निवेशकों व उद्योग जगत को आगे के आधिकारिक ऐलानों का इंतजार करना होगा।

ट्रंप के फैसले का भारत ने किया स्वागत

खास बात है कि यह घोषणा ऐसे समय पर की गई है, जब भारत में बजट सत्र जारी है। एक ओर जहां भारत सरकार ने ट्रंप सरकार के फैसले का स्वागत किया है। वहीं, कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कटौती का सबसे सकारात्मक असर रत्न-आभूषण और फार्मा क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा। अमेरिका भारतीय जेनेरिक दवाओं और तराशे हुए हीरों का सबसे बड़ा खरीदार है। टैरिफ कम होने से इन उत्पादों की लागत घटेगी, जिससे अमेरिकी बाजार में इनकी मांग में भारी उछाल आने की संभावना है।

टैरिफ घटने से इस सेक्टर को फायदा

गौरतलब है कि भारत सरकार ने भी अपने बजट 2026 में चमड़ा और जूता उद्योग के कच्चे माल पर ड्यूटी कम की थी। अब अमेरिका द्वारा टैरिफ घटाने से इस सेक्टर का दोहरा फायदा होगा। इससे न केवल निर्यात बढ़ेगा, बल्कि देश में लाखों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इस फैसले से पिछले कुछ समय से चुनौतियों का सामना कर रहे भारतीय निर्यातकों को न केवल बड़ी राहत मिली है, बल्कि अमेरिकी बाजार में 'मेड इन इंडिया' उत्पादों की धमक बढ़ने की भी पूरी उम्मीद है।

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