
चोटिल खिलाड़ी (सौजन्य-नवभारत)
Football Controversy: नागपुर डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित किए जा रहे JSW फुटबॉल टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं की कमी का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को चोटिल होने पर न तो तुरंत इलाज की सुविधा मिल रही है और न ही स्ट्रेचर उपलब्ध है जिससे खिलाड़ियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
हालात वही पुराने हैं और टूर्नामेंट के आयोजक खिलाड़ियों की सुरक्षा के मामले में कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। शनिवार को सहयोगनगर स्थित बीआर आंबेडकर फुटबॉल स्टेडियम में सुपर डिवीजन फुटबॉल चैम्पियनशिप के दौरान यंग हैदर और केजीएन एकेडमी के बीच मुकाबला चल रहा था। मैच के 70वें मिनट में यंग हैदर के खिलाड़ी जिया काजी को बॉल लेने के दौरान पैर में चोट लग गई।
फुटबॉल खिलाड़ी मैदान पर गिर गया और करीब 5-7 मिनट तक वहीं दर्द से कराहता रहा। इस दौरान न तो कोई फिजियो उसकी मदद करने आया और न ही स्ट्रेचर उपलब्ध था। एंबुलेंस की सुविधा भी नदारद रही। अंत में यंग हैदर के टीम मैनेजमेंट और साथी खिलाड़ियों ने मिलकर उसे मैदान से बाहर लाया और डॉक्टर के पास इलाज करवाया। टीम ऑनर मुसैब अंसारी ने बताया कि गनीमत रही कि चोट गंभीर नहीं लगी और डॉक्टर ने काजी को 4-5 दिन आराम करने की सलाह दी।
अंसारी ने यह भी बताया कि खिलाड़ी के चोटिल होने के कारण खेल करीब 10 मिनट तक रुका रहा लेकिन मैच को पुनः शुरू करने के लिए केवल 2 मिनट ही अतिरिक्त समय दिया गया। इस कारण उनकी टीम मुकाबला जीतने से वंचित रह गई। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाड़ी नक़ीर रहमान ने हैंडबॉल होने की अपील की लेकिन रेफरी ने उसे अनदेखा कर दिया और उल्टा उन्हें येलो कार्ड दिखा दिया।
मुसैब ने आरोप लगाया कि टूर्नामेंट आयोजन समिति नियमों की अवहेलना कर रही है। उन्होंने बताया कि एक सुपर डिवीजन ‘ए’ ग्रुप स्टेज की टीम के मैनेजर को फोर्थ रेफरी बना दिया गया, जो कि एनडीएफए के नियमों के खिलाफ था। यह व्यक्ति रेफरी बनने की कोई योग्यता नहीं रखता था। बाद में मैच के 50वें मिनट में जब उन्होंने आपत्ति जताई तो फोर्थ रेफरी की जगह मैच कमिश्नर को बैठाया गया।
यह पहली बार नहीं है जब ऐसी घटना हुई हो, 29 अक्टूबर को एनडीएफए एलीट डिवीजन के पहले मुकाबले के दौरान रब्बानी क्लब के खिलाड़ी भी चोटिल हुआ था लेकिन तब भी उसे स्ट्रेचर और फिजियो की सुविधा नहीं मिल पाई थी। उस वक्त एनडीएफए ने यह वादा किया था कि जल्द ही खिलाड़ियों की सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं में सुधार किया जाएगा लेकिन अब तक कुछ नहीं बदला है।
यह भी पढ़ें – देश में पहली बार! एक साथ 10 रोबोटिक सर्जरी का LIVE ब्रॉडकास्ट, नागपुर मेडिकल बना रोबोटिक सर्जिकल हब
एनडीएफए टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं की अव्यवस्था अब गंभीर चिंता का विषय बन गई है। अगर जल्द ही सुधार नहीं हुआ तो इससे खिलाड़ियों की सेहत को खतरा हो सकता है। टूर्नामेंट के आयोजकों को इस मामले में तुरंत कदम उठाने चाहिए, ताकि आगामी मैचों में खिलाड़ियों को उचित चिकित्सा सहायता मिल सके और ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
एनडीएफए के पदाधिकारी मो. मुबीन ने बताया कि मैच के बाद मैं ग्राउंड पर गया था। मामले की जानकारी लगी है। हमारी ओर से स्ट्रचर का डिजाइन फाइनल हो गया है। यह ई-रिक्शा के रूप में रहेगा। जल्द ही मुकाबले के दौरान ऐसे हालात बनने पर स्ट्रचर की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। खिलाड़ियों के लिए सुविधा जुटाई जा रही है।






