
गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड टनल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Goregaon Mulund Link Road Phase-1 : मुंबई के गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड लिहाज से महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। जहां (जीएमएलआर) शहर की ट्रैफिक के मालाड, कांदिवली से मुलुंड जाने में पीक समय में डेढ़ से दो घंटे लग जाते हैं। इस प्रोजेक्ट के बन जाने के बाद मात्र 25 मिनट के भीतर मुलुंड पहुंचा जा सकता है।
हालांकि पूर्ण प्रोजेक्ट पूरे होने में अभी तीन वर्ष की देरी है। यानी 2028 तक इसे पूरा किया जाएगा, लेकिन चरणबद्ध तरीके से इसे शुरू किए जाने की योजना है। इसका पहला चरण वर्ष 2026 के जनवरी तक संचालन के लिए तैयार हो जाएगा। जीएमएलआर एक 12.2 किमी लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसमें भूमिगत सुरंगें, पुल और ट्रैफिक इंटरचेंज शामिल हैं।
इस परियोजना की लागत 14,000 करोड़ रुपये है और बीएमसी ने पूरी परियोजना के लिए 2028 की समयसीमा निर्धारित की है। पूरा होने के बाद यह महत्त्वपूर्ण सड़क पश्चिमी उपनगर के गोरेगांव क्षेत्र को पूर्वी उपनगर के मुलुंड से जोड़ेगी। यह महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि मौजूदा समय में पश्चिमी उपनगर से पूर्वी उपनगर जाने के लिए घंटे भर से अधिक समय लग जाता है।
इस परियोजना को चार अलग-अलग चरणों में विभाजित किया गया है। जीएमएलआर के पहले चरण के तहत एक फ्लाईओवर बनाए जाना है जो दिंडोशी कोर्ट के पास से शुरू होगा और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) तक पहुंचेगा, जहां से वाहन चालक सीधे दोनों सुरंगों में प्रवेश कर सकेंगे।
बीएमसी के मुताबिक यह परियोजना कुल चार चरणों में प्रस्तावित है, जिनमें यह कार्य चरण 3 (बी) के अंतर्गत आता है। पूरा होने पर यह मार्ग पश्चिम मुंबई के दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी से सीधे पूर्वी उपनगर मुलुंड तक जोड़ देगा।
साथ ही, यह लिंक आगे मालाड माइंडस्पेस, मुंबई कोस्टल रोड और ऐरोली से जुड़कर सिग्नल-फ्री, जाम-मुक्त यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराएगा। बांगर ने कहा कि यह परियोजना उत्तर मुंबई की यातायात व्यवस्था में काफी हद तक बदलाव लाएगी। इससे पूर्व और पश्चिम उपनगरों के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा और यातायात का दबाव भी घटेगा।
सुरंगों की बोरिंग का काम 2026 से शुरू होगा और अन्य कार्यों को पूरा करने में लगभग एक वर्ष लगेगा। फ्लाईओवर में कुल 31 पिलर होंगे, जिनमें से 27 का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष चार पिलरों का कार्य जारी है।
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पश्चिम की ओर फ्लाईओवर जनवरी 2026 तक तैयार हो जाएगी, जबकि पूर्व की ओर को अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद पोस्ट कंस्ट्रक्शन या सहायक कार्य किए जाएंगे। अधिकारी मई 2026 तक फ्लाईओवर खोलने का लक्ष्य रख रहे हैं।
अतिरिक्त बीएमसी आयुक्त अभिजीत बांगर ने कहा कि यह फ्लाई ओवर परियोजना के पहले चरण का समापन होगा, भविष्य में हमारा लक्ष्य जीएमएलआर को वर्सोवा-भाईंदर कोस्टल रोड से जोड़ने का है। वर्ष 2028 तक उपनगरीय क्षेत्र में यात्रा बेहद आसान हो जाएगी। क्योंकि ये दोनों परियोजनाएं एक बड़े बदलाव का कारण चनेंगी।






