मनपा चुनाव: टिकट के लिए CM को लिखा पत्र, तो कोई विधायकों की शरण में, जुगाड़-सेटिंग की inside स्टोरी

Manpa Election Nagpur: नागपुर मनपा चुनाव में टिकट के लिए जुगाड़-सैटिंग का दौर तेज। उम्मीदवार सीएम-एमएलए तक पहुंच रहे, जनता दबाव बना रही, दावेदारी में टक्कर तेज।
Manpa Election Nagpur: नागपुर मनपा चुनाव में टिकट के लिए जुगाड़-सैटिंग का दौर तेज। उम्मीदवार सीएम-एमएलए तक पहुंच रहे, जनता दबाव बना रही, दावेदारी में टक्कर तेज।
मनपा चुनाव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur NMC Elections: नागपुर महानगर पालिका चुनाव का बिगुल बजते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भाजपा, कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के दोनों गुटों में टिकट पाने के लिए होड़ मची है। आलम यह है कि केवल आधिकारिक इंटरव्यू (साक्षात्कार) देने से संतुष्ट न होकर इच्छुक उम्मीदवार अब उम्मीदवारी पक्की करने के लिए तरह-तरह के 'जुगाड़' भिड़ा रहे हैं।

टिकट के दावेदारों ने अब सीधे बड़े नेताओं तक पहुंच बनाना शुरू कर दिया है। प्रभाग 37 के एक सक्रिय कार्यकर्ता के समर्थकों ने तो सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर उन्हें टिकट देने की सिफारिश कर डाली है। इसी प्रकार कई क्षेत्रों में आम जनता यह मांग करने लगी है कि पुराने और कई बार नगर सेवक रह चुके लोगों को इस बार टिकट न दिया जाए।

इस बार युवा और नए खून पर भरोसा किया जाए। वर्षों से पार्टी के लिए कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं को मौका मिले, जिससे वे अपनी श्रेष्ठता साबित कर सकें। इससे पार्टी को मजबूती मिलेगी और कार्यकर्ताओं का पार्टी पर भरोसा बढ़ेगा।

लगा रहे हाजिरी

कई इच्छुक उम्मीदवार सुबह-सुबह स्थानीय विधायकों के घर 'हाजिरी' लगा रहे हैं। विधायकों के कार्यालयों में अब आम जनता से ज्यादा टिकट के दावेदारों की भीड़ नजर आ रही है। अपनी वफादारी साबित करने के लिए दावेदार अपने पसंदीदा विधायकों के कार्यों और फोटो को सोशल मीडिया पर जमकर प्रमोट कर रहे हैं।

आम जनता के कंधे का सहारा

रणनीति के तहत कई दावेदार नागरिकों के हस्ताक्षरों वाले पत्र विधायकों को सौंप रहे हैं, ताकि यह दिखाया जा सके कि क्षेत्र की जनता उन्हें ही उम्मीदवार के रूप में देखना चाहती है। जनसंपर्क बढ़ाने के नाम पर वार्डों में पदयात्राएं और कार्यक्रमों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड की जा रही हैं।

दिग्गजों के बीच कांटे की टक्कर

  • इस बार टिकट पाने का मुकाबला काफी कड़ा है। एक-एक सीट के लिए 15 से 20 दावेदार मैदान में हैं।
  • भाजपा और कांग्रेस में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है। कई जगहों पर पूर्व महापौर और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी आमने-सामने हैं।
  • दिग्गज नेताओं की दावेदारी ने पार्टी आलाकमान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इंटरव्यू के आधार पर नाम तय करना अब पार्टियों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।

चुनावी कार्यक्रम: 23 दिसंबर से नामांकन 23 से 30 दिसंबर: नामांकन पत्र का वितरण और उन्हें स्वीकार करने की अवधि। 31 दिसंबर: प्राप्त आवेदनों की छंटनी और शाम तक उम्मीदवारों की सूची। 2 जनवरी: दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी की अंतिम तिथि। 3 जनवरी: उम्मीदवारों को चुनाव चिन्हों का आवंटन।

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