नागपुर मनपा: मेयर के लिए 30 लाख की लग्जरी कार और आलीशान दफ्तर, जानें किस पद के लिए कितना बजट

NMC Mayor Vehicle Budget: नागपुर मनपा में 'प्रशासक राज' खत्म, नए मेयर और पदाधिकारियों की सवारी पर खर्च होंगे 1 करोड़ रुपये। महापौर के लिए 30 लाख की लग्जरी गाड़ी का प्रावधान।
Nagpur Municipal Corporation (NMC) to spend over ₹1 crore on luxury vehicles for the new Mayor & officials as the 4-year administrator rule comes to an end.
मेयर की कार का बजट (AI Generated Image)
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Nagpur Municipal Corporation: नागपुर महानगरपालिका में हुए चुनाव के बाद अब शहर को नया मेयर और प्रशासकीय टीम मिलने वाली है। 4 वर्षों के लंबे ‘प्रशासक राज’ के बाद अब जब पदाधिकारी कार्यभार संभालेंगे तो उनके लिए सरकारी वाहनों के आवंटन की प्रक्रिया फिर से शुरू होगी। हालांकि अभी पद संभालने में भले ही कुछ समय हो किंतु उनके लिए वाहनों की खरीदी को लेकर प्रशासकीय स्तर पर मंथन शुरू हो गया है।

जानकारी के अनुसार महापौर के लिए 30 लाख तक का वाहन तथा उपमहापौर, स्थायी समिति सभापति, सत्तापक्ष नेता, विपक्ष के नेता और परिवहन सभापति के लिए वाहन खरीदने 12 लाख रुपए तक का प्रावधान है। इस तरह से इन पदाधिकारियों के लिए वाहन खरीदी पर लगभग 1 करोड़ से अधिक की निधि खर्च होने की संभावना सूत्रों ने जताई।

कार्यालयों के कायाकल्प पर खर्च का आकलन नहीं

जानकारी के अनुसार भले ही गुरुवार को महापौर पद की लॉटरी निकाली जानी हो किंतु महापौर पद के लिए प्रत्याशी तय करने से लेकर चुनाव और बाद में पद संभालने तक 25 दिन का समय लगने की संभावना है। ऐसे में 25 दिनों के भीतर इन पदाधिकारियों के लिए वाहन खरीदने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसी तरह से इन पदाधिकारियों के लिए विशेष कार्यालय तैयार किए जा रहे हैं जिसके लिए फिलहाल कितनी निधि खर्च होगी? इसका कोई अनुमान नहीं है। अधिकारियों की मानें तो पहले इन कार्यालयों को तैयार किया जाएगा। इसके बाद ही खर्च का कोई आंकड़ा उजागर हो पाएगा। जानकारों की मानें तो भले ही प्रशासन की ओर से कार्यालय तैयार किए जा रहे हों किंतु विशेष रूप से जो भी महापौर पदभार संभालेगा उसकी ओर से भी कार्यालय में कुछ अलग सजावट की मांग हो सकती है। इस पर अलग से खर्च होने की संभावना है।

पद वाहन बजट (₹)
मेयर 30 लाख तक
डिप्टी मेयर 12 लाख तक
स्थायी समिति अध्यक्ष 12 लाख तक
सत्तापक्ष नेता 12 लाख तक
विपक्ष के नेता 12 लाख तक
परिवहन समिति सभापति 12 लाख तक
कुल अनुमानित खर्च ₹1 करोड़+

परिवहन सभापति को भी मिलेगी नई गाड़ी

बताया जाता है कि महानगरपालिका में नियम और कानून के अनुसार परिवहन समिति एक वैधानिक समिति है जिससे परिवहन समिति के सभापति को भी प्रशासन की ओर से वाहन और अलग से कार्यालय आदि उपलब्ध कराना अनिवार्य है। महानगरपालिका के गलियारों में अब केवल फाइलों की सरसराहट नहीं बल्कि ‘माननीयों’ की गाड़ियों का काफिला भी नजर आएगा।

चुनावों के बाद महापौर, उपमहापौर, स्थायी समिति अध्यक्ष और विपक्ष के नेता जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए लग्जरी और आधिकारिक वाहनों की व्यवस्था की जा रही है। विशेषकर 2022 से 2026 के बीच में मनपा में कोई निर्वाचित सभा नहीं थी। इस दौरान केवल मनपा आयुक्त और विभाग प्रमुखों के पास ही आधिकारिक वाहन थे। जनप्रतिनिधियों के लिए आरक्षित गाड़ियां या तो गैरेज में खड़ी कर दी गई थीं या अन्य सरकारी कार्यों में लगा दी गई थीं।

आयुक्त के पास महापौर का वाहन

उल्लेखनीय है कि मनपा में इसके पूर्व स्थायी समिति सभापति के लिए 2021 में ही नया वाहन खरीदा गया था जिसे बाद में महापौर के लिए उपलब्ध कराया गया किंतु मार्च 2022 में प्रशासक राज शुरू होने के बाद महापौर का वाहन मनपा प्रशासक को उपलब्ध कराया गया, अत: अब महापौर के लिए नया वाहन खरीदने की आवश्यकता है। इसी तरह अन्य पदाधिकारियों के लिए भी नये वाहन होंगे।

मेयर, डिप्टी मेयर, स्थायी समिति अध्यक्ष और सदन के नेता को 24x7 आधिकारिक वाहन और ड्राइवर मिलता है। लोकतांत्रिक परंपरा के अनुसार विपक्ष के नेता को भी निर्धारित श्रेणी की गाड़ी दी जाती है। आमतौर पर मेयर के लिए एसयूवी और अन्य पदाधिकारियों के लिए सेडान या मध्यम श्रेणी की एसयूवी का प्रावधान होता है।

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