Nagpur: आर्थिक संकट में मनपा, अब भी 411 करोड़ की दरकार, विधानसभा में लगाई गुहार

Nagpur NMC: नागपुर में महानगरपालिका को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। महानगरपालिका ने महत्वपूर्ण मूलभूत सेवा कार्यों के लिए पूरक मांगों के तहत अनुरोध अधिक निधि की मांग की है।
Nagpur NMC: नागपुर में महानगरपालिका को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। महानगरपालिका ने महत्वपूर्ण मूलभूत सेवा कार्यों के लिए पूरक मांगों के तहत अनुरोध अधिक निधि की मांग की है।
मनपा ने की निधि की मांग (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur News: मुंबई में चल रहे विधानमंडल के मानसून सत्र में महानगरपालिका ने राज्य सरकार को 411.86 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि की पूरक मांग प्रस्तुत की है। बताया जाता है कि इस निधि से महत्वपूर्ण मूलभूत कार्यों को जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।

मांगों में स्पष्ट किया गया कि धन की कमी के कारण बाढ़ से संबंधित योजनाएं और मूलभूत सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कुल मांग में से 339.86 करोड़ रुपये सड़क, जल निकासी और स्वास्थ्य सेवा जैसी मूलभूत सुविधाओं को सक्षम करने के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि 72 करोड़ रुपये बाढ़ पुनर्वास कार्यों के लिए मांगे गए हैं।

ठेकेदारों के बिल होने लगे जमा

मनपा के वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो ठेकेदारों ने बिल जमा करना शुरू कर दिया गया है। उन्हें उम्मीद है कि नगर विकास विभाग उन्हें किए गए काम के लिए निधि की प्रतिपूर्ति करेगा। राज्य सरकार के नगर विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रमुख मूलभूत योजनाओं की प्रगति के अनुसार भुगतान नहीं किया गया है। इनमें सीमेंट कंक्रीट सड़कें, अस्पतालों का आधुनिकीकरण, ई-लाइब्रेरी और जल निकासी व्यवस्था शामिल है जिनमें से कुछ पूरी हो चुकी हैं या पूरी होने वाली हैं। यह पहली बार नहीं है जब मनपा ने राज्य सरकार का दरवाजा खटखटाया हो। इससे पहले विकास कार्यों के लिए लंबित धनराशि में 491.90 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।

अब तक केवल 296 करोड़ प्राप्त

बताया जाता है कि राज्य ने 2023 तक 708.09 करोड़ रुपये मंजूर किए थे, जबकि अब तक केवल 296.11 करोड़ रुपये ही जारी किए गए हैं। इनमें गत सप्ताह जिलाधिकारी द्वारा जारी 27.89 करोड़ रुपये की नई राशि भी शामिल है। अधिकारी की मानें तो सरकार द्वारा चुनिंदा कार्यों के लिए निधि देने तथा चरणबद्ध तरीके से निधि मिलने के कारण सिटी के विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है।

कई योजनाएं निधि के कारण अटकी हुई हैं, जबकि निधि अटक जाने के कारण विकास कार्यों को अंजाम देने वाले ठेकेदार भी चिंतित हैं। नाग, पीली और पोहरा नदियों के किनारे बनी रिटेनिंग वॉल का पुनर्निर्माण कार्य होना बाकी है। 2023 की बाढ़ में दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। हालांकि राज्य ने बाढ़ राहत योजना के लिए 204 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं लेकिन अधिकांश निधि अभी तक जारी नहीं की गई है।

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इस तरह रखी गईं मांगें

  • सड़कें, जल निकासी, स्वास्थ्य सेवा- 339.86 करोड़
  • पुनर्वास कार्य- 72 करोड़
  • कुल - 708.09 करोड़
  • बाढ़ राहत योजना - 204 करोड़ (स्वीकृत-2023)
  • विकास कार्यों के लिए लंबित राशि - 491.90 करोड़
  • अब तक वितरित राशि - 296.11 करोड़
  • गत सप्ताह वितरित - 27.89 करोड़
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