मेडिकल को मिल रहा कॉरपोरेट लुक, रोबोटिक सर्जरी से लेकर 5 मंजिला पार्किंग तक, मिलेगी हाई-टेक सुविधाएं

Nagpur Government Hospital Upgrade: नागपुर मेडिकल में रोबोटिक सर्जरी, स्काई वॉक, पेइंग वार्ड, पार्किंग प्लाजा और 11 आश्रय केंद्र तैयार। फडणवीस की पहल से अस्पताल को मिल रहा कॉरपोरेट लुक।
Nagpur Government Hospital Upgrade: नागपुर मेडिकल में रोबोटिक सर्जरी, स्काई वॉक, पेइंग वार्ड, पार्किंग प्लाजा और 11 आश्रय केंद्र तैयार। फडणवीस की पहल से अस्पताल को मिल रहा कॉरपोरेट लुक।
मेडिकल (AI Generated Photo)
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Devendra Fadnavis Medical Project: मध्य भारत के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, मेडिकल को अब कॉरपोरेट स्वरूप मिल रहा है। अब यहां मरीजों के परिजनों के लिए आश्रय केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल से आने वाले दिनों में न केवल इस अस्पताल की सूरत बदलेगी बल्कि मरीजों के लिए अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिल सकेंगी।

शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल न केवल नागपुर या विदर्भ बल्कि मध्य भारत के मरीजों के लिए सबसे बड़ा सहारा है। यही वजह है कि पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से भी मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस अस्पताल में गरीबों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए भारी धनराशि उपलब्ध कराई है।

परिजनों के लिए सुविधा

रोबोटिक सर्जरी, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, बहुमंजिला पार्किंग और मरीजों के परिजनों की देखभाल मेडिकल की विशेषता बन गई है। भर्ती मरीजों के परिजनों के लिए कोई सुविधा नहीं थी। इसके लिए परिसर में 11 आश्रय केंद्र बनकर तैयार होने वाले हैं। इन केंद्रों में पंखे, गर्म पानी, शौचालय, कुर्सियां जैसी आवश्यक सुविधाएं होंगी। प्रत्येक केंद्र की क्षमता 200 है, इसलिए एक समय में कम से कम 2,200 लोग यहां रह सकेंगे।

रोबोटिक सर्जरी

अस्पताल में पिछले डेढ़ वर्ष से रोबोटिक सर्जरी की जा रही है। अब तक 300 से ज्यादा सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। यहां हर हफ्ते 4-5 निःशुल्क सर्जरी की जाती हैं। स्त्री रोग, मूत्र रोग और हृदय संबंधी सर्जरी रोबोटिक प्रणाली के माध्यम से की जा रही हैं। कुछ महीने पहले रोबोट का उपयोग कर किडनी प्रत्यारोपण किया गया। जल्द ही हृदय और यकृत प्रत्यारोपण भी शुरू किए जाएंगे। रोबोटिक तकनीक समय बचाती है, मानवीय त्रुटियों को कम करती है और मरीज जल्दी ठीक होते हैं। डेढ़ वर्ष में इतनी बड़ी संख्या में रोबोटिक सर्जरी करने वाला यह देश का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है। इसके अलावा कान, नाक और गला विभाग में सीओ₂ लेजर सिस्टम लगाया गया है। इस तकनीक से सर्जरी के दौरान रक्तस्राव कम होता है और घाव जल्दी भरते हैं।

स्काई वॉक

कैजुअल्टी से ट्रॉमा सेंटर तक स्काई वॉक बनाया गया है जिससे अब बारिश या धूप में मरीजों को बाहर ले जाने की समस्या खत्म हो गई है। अभी तक गंभीर मरीजों को बारिश में ट्रॉमा केयर सेंटर ले जाना पड़ता था लेकिन अब इन दोनों इमारतों के बीच छत वाला स्काई वॉक शुरू किया गया है।

पेइंग वार्ड

हालांकि मेडिकल सेंटर में उच्च-गुणवत्ता वाली सुविधाएं हैं लेकिन मध्यम-वर्ग या उच्च-मध्यम वर्ग के मरीज अक्सर नहीं आते हैं, इसीलिए अब पेइंग वार्ड की संख्या बढ़ाई जा रही है। अब यहां ऐसे 80 कमरे उपलब्ध होंगे। इनमें से कुछ वातानुकूलित कमरे होंगे।

पार्किंग प्लाजा

परिसर में पार्किंग प्लाजा के लिए 3 कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं। इनमें से एक 5 मंजिला और दूसरा 4 मंजिला है। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही में कोई बाधा नहीं आएगी। कॉलेज परिसर में 435 कमरों वाले गर्ल्स हॉस्टल, एक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और एक हृदय एवं यकृत प्रत्यारोपण केंद्र का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का काम लगभग पूरा होने वाला है जिसमें जिम, हाई-मास्ट लाइट, बैडमिंटन हॉल और स्विमिंग पूल का नवीनीकरण शामिल है। साथ ही, नर्सिंग कॉलेज के लिए एक नए भवन का निर्माण कार्य भी चल रहा है। क्षेत्र में सीमेंट की सड़कें और सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है और सभी काम पूरा होने के बाद, अस्पताल को एक कॉरपोरेट लुक मिलेगा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अस्पताल को भारी धनराशि प्रदान की, ताकि समाज के आम आदमी को भी उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। यही वजह है कि अब मेडिकल की तस्वीर बदल रही है। भविष्य में अस्पताल को कॉरपोरेट लुक मिलेगा। इससे अधिकाधिक मरीजों को लाभ मिलेगा।

  • डॉ. राज गजभिये, डीन मेडिकल
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