3:30 बजे चादर फाड़ी, 4 बजे फंदा... जरीपटका थाने में आरोपी की मौत की पूरी टाइमलाइन, पुलिस पर गिरेगी गाज!

Nagpur Police Custody Death: नागपुर के जरीपटका थाने के लॉकअप में दुष्कर्म के आरोपी ने की खुदकुशी। परिजनों ने पुलिस और पीड़िता के परिवार पर लगाए गंभीर आरोप। सीआईडी करेगी जांच।
A 20-year-old POCSO accused from Prayagraj committed suicide in Nagpur's Jaripatka police lockup.
मृतक का परिवार और आरोपी (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur News: नागपुर के जरीपटका पुलिस थाना से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में गिरफ्तार किए गए युवक ने गुरुवार को तड़के लॉकअप में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद अधिकारी और कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है। वहीं मृतक के परिजन भी गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

बहरहाल पुलिस कस्टडी में आरोपी की मौत होने पर प्रकरण की जांच अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) द्वारा की जाती है, इसीलिए इस बारे में सिटी पुलिस के अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। मृतक प्रयागराज निवासी नागेंद्र कुमार रामजी भारतीय (20) बताया गया। नागेंद्र प्रयागराज में ही बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था। साथ ही डीजे का भी काम करता था।

जानें पूरा मामला

जरीपटका थाना क्षेत्र में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी का रिश्तेदार भी प्रयागराज में रहता है। वह नागेंद्र का दोस्त है। पीड़िता अपने रिश्तेदार के यहां प्रयागराज गई थी, तभी रिश्तेदार युवक ने उसकी पहचान नागेंद्र से करवाई थी। कुछ महीने पहले दोनों इंस्टाग्राम के जरिए दोबारा संपर्क में आए और चैटिंग करते थे। दोस्ती प्रेम संबंधों में बदल गई और नागेंद्र पीड़िता से मिलने के लिए नागपुर भी आता था।

इसी बीच दोनों ने घर से भागकर प्रेम विवाह करने का निर्णय लिया। विगत 11 जनवरी को नागेंद्र दोबारा नागपुर आया और उसे अपने साथ भगा ले गया। किशोरी के गायब होने पर परिजनों ने जरीपटका पुलिस से शिकायत की। शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान नागेंद्र द्वारा पीड़िता को भगा ले जाने की जानकारी सामने आई जिसके बाद एक टीम ने प्रयागराज से दोनों को कब्जे में लिया।

मेडिकल जांच में किशोरी के साथ आपत्तिजनक हरकत होने का पता चला। इसके बाद पुलिस ने नागेंद्र के खिलाफ दुष्कर्म और पोक्सो की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। 17 जनवरी को उसे प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया। उसे नागपुर लाने के बाद 19 जनवरी को न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने नागेंद्र को 3 दिन की पुलिस कस्टडी में रखने का आदेश दिया। गुरुवार को उसे दोबारा न्यायालय में पेश किया जाना था।

घटना की पूरी टाइमलाइन

  • नागेंद्र को लॉकअप में ओढ़ने के लिए चादर दी गई थी। वह बुधवार की रात चादर ओढ़कर सो भी गया। देर रात लॉकअप गार्ड ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों ने जांच की और दूसरे कामों में लग गए।
  • रात 3 बजे के दौरान नागेंद्र की नींद उड़ गई। वह उठकर कुछ देर शांत बैठा रहा। संभवत: वह दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तारी और भविष्य खराब होने की चिंता में था।
  • 3.30 बजे के दौरान उसने चादर फाड़कर पतली रस्सी बनाई। इसके बाद लॉकअप के ऊपर वाले गेज में चादर बांध दी लेकिन तुरंत हिम्मत नहीं जुटा पाया।
  • 15 मिनट तक वह यहां से वहां लॉकअप में टहलता रहा और फिर अचानक गले पर फंदा बांधकर लटक गया। तब तक किसी को घटना की भनक नहीं लगी।
  • गुरुवार की सुबह ड्यूटी बदलने की कार्रवाई चल रही थी। कानूनी प्रक्रिया के अनुसार लॉकअप की भी जांच की गई और नागेंद्र फंदे पर लटका दिखाई दिया।

न्याय दंडाधिकारी की उपस्थिति में पंचनामा

इस घटना से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आरोपी की मृत्यु होने के कारण पंचनामा के लिए न्याय दंडाधिकारी को बुलाया गया। खबर मिलते ही सीआईडी के अधिकारियों की टीम भी मौके पर पहुंच गई। सभी की उपस्थिति में वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ कार्रवाई की गई। सीपी रवींद्र कुमार सिंगल और ज्वाइंट सीपी नवीनचंद्र रेड्डी सहित आला अधिकारियों ने भी घटना का जायजा लिया। नागेंद्र का इन्क्वेस्ट पंचनामा भी न्याय दंडाधिकारी की उपस्थिति में होगा। इस मामले में संबंधित पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों पर गाज गिरना तय है।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। बेटे की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। पिता चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे थे कि उनका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। उसके साथ पुलिस हिरासत के दौरान कुछ गलत हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता के परिजनों ने 2 दिन पहले उन्हें फोन किया था।

मामले में समझौता करने के लिए उनसे 5 लाख रुपये मांगे गए थे। इतने पैसों का तुरंत इंतजाम संभव नहीं था, फिर भी कुछ रकम लेकर वो बुधवार रात को ही नागपुर के लिए रवाना हो गए थे। पुलिस ने उन्हें घटना की जानकारी नहीं दी। नागपुर आने पर उन्हें पता चला कि जिस बेटे की मदद करने वो आ रहे हैं वह अब जीवित ही नहीं है।

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