महाराष्ट्र के नए राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने संभाला कार्यभार; शिवाजी महाराज-बाबासाहेब और सावरकर को किया नमन

Jishnu Dev Varma News: महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने पदभार संभालते ही छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. आंबेडकर और सावरकर को नमन कर अपने कार्यकाल की शुरुआत की।
Tribute to Maharashtra Governor Jishnu Dev Verma, Shivaji Maharaj Ambedkar Savarkar on Mumbai tour
वीर सावरकार की पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को भेंट देते सावरकर के वंशज व मुंबई मेयर रितु तावडे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Governor Jishnu Dev Varma News: महाराष्ट्र के नवनियुक्त राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने बुधवार को आधिकारिक रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया। कार्यभार संभालने के साथ ही उन्होंने अपनी सक्रियता दिखाते हुए मुंबई के प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का दौरा किया और देश के महापुरुषों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। उनके इस दौरे को महाराष्ट्र की गौरवशाली परंपरा और विरासत से जुड़ने के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर अर्पित किए पुष्प

जिष्णु देव वर्मा ने राज्यपाल के रूप में अपने पहले दिन की शुरुआत उन्होंने दादर स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज के चरणों में शीश झुकाकर की। उन्होंने शिवाजी महाराज की भव्य अश्वारोही प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित की। इस गरिमामयी अवसर पर मुंबई की नवनियुक्त महापौर रितु तावडे भी उनके साथ मौजूद रहीं। राज्यपाल ने इस दौरान शिवाजी महाराज के स्वराज्य और सुशासन के आदर्शों को याद किया।

चैत्यभूमि में बाबासाहेब को किया नमन

शिवाजी पार्क के बाद राज्यपाल वर्मा सीधे चैत्यभूमि पहुंचे। यहां उन्होंने भारतीय संविधान के शिल्पकार भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल की उपस्थिति में वहां त्रिशरण बुद्ध वंदना की गई, जिससे माहौल काफी आध्यात्मिक और शांतिपूर्ण रहा। इस दौरान भारतीय बौद्ध महासभा के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल का स्वागत किया और उन्हें भारत के संविधान की एक प्रति भेंट स्वरूप दी।

सावरकर स्मारक का दौरा

अपने दौरे के अगले पड़ाव में राज्यपाल ने मुंबई स्थित स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक का दौरा किया। उन्होंने सावरकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके क्रांतिकारी योगदान को याद किया। स्मारक समिति की ओर से राज्यपाल को सावरकर की एक छोटी प्रतिमा और उन पर आधारित ऐतिहासिक ग्रंथ भेंट किए गए।

राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा का यह दौरा यह स्पष्ट करता है कि वे राज्य के संवैधानिक प्रमुख के रूप में महाराष्ट्र की संस्कृति, अस्मिता और संघर्ष के इतिहास को सर्वोपरि रखते हैं। राजनीतिक गलियारों में उनके इस सहज और सक्रिय अंदाज की काफी चर्चा हो रही है।

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