-
मंगल, 28 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Maharashtra »
- Nagpur »
- Nagpur Hc Maternity Leave Fundamental Right Doctor Fine Cancelled
संविधान के सामने फेल हुए सरकार के नियम! महिला डॉक्टर को मिला न्याय, HC बोला- मां बनना ‘बॉण्ड’ का उल्लंघन नहीं
- Written By: प्रिया जैस
Maternity Leave Fundamental Right: बॉम्बे हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: मातृत्व अवकाश महिला का मौलिक अधिकार। डॉक्टर पर लगा 23.58 लाख का जुर्माना रद्द। अनुच्छेद 21 के तहत मिली सुरक्षा। पढ़ें रिपोर्ट।

हाई कोर्ट का फैसला (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Nagpur High Court Landmark Judgment: डॉक्टर की पढ़ाई के बाद नियमों के अनुसार बॉण्ड सर्विस पूरा करने के लिए डेंटल कॉलेज में असि. प्रोफेसर की जिम्मेदारी संभाली। इसी दौरान गर्भवती होने तथा बच्ची को जन्म देने के लिए छुट्टी ली किंतु इसे नियमों का उल्लंघन करार देते हुए चिकित्सा विभाग की ओर से 23.58 लाख रु. का जुर्माना लगाया।
इस कार्यवाही को चुनौती देते हुए डॉ. मीनाक्षी मुथैया की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश अनिल किल्लोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) केवल एक कार्यस्थल लाभ नहीं है, बल्कि यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गरिमा के साथ जीने के मौलिक अधिकार का अभिन्न हिस्सा है।
अदालत ने राज्य सरकार द्वारा महिला डॉक्टर पर बॉण्ड की अवधि पूरी न करने के कारण लगाए गए 23,58,403 रुपये के भारी जुर्माने को रद्द कर दिया।
सम्बंधित ख़बरें
पेपर लीक पर 2024 में बनी कमेटी ने दिए थे 101 सुझाव, इनमें से कितनों को लागू कर पाई सरकार? देखें पूरी रिपोर्ट
HC ने CM विजय को दिया झटका, करूर भगदड़ में मृतक परिजनों की नौकरी पर लगी रोक; स्किल ट्रेनिंग का दिया सुझाव
अभिजीत दीपके का अगला टार्गेट लॉक! महाराष्ट्र के बड़े नेता होंगे अगली विकेट? एथनॉल विवाद ने बढ़ाईं फ्लाईओवर मैन
राम मंदिर चंदा मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, SIT में CA और फोरेंसिक ऑडिटर होंगे शामिल
सेवा के दौरान गर्भवती हुई डॉक्टर
याचिकाकर्ता डॉ. मीनाक्षी मुथैया ने तमिलनाडु से मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (एमडी) पूरी करने के बाद महाराष्ट्र सरकार की सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी सर्विस स्कीम (बॉण्ड सर्विस) के तहत नागपुर के सरकारी डेंटल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यभार संभाला था।
उनकी नियुक्ति 11 दिसंबर 2023 से 10 दिसंबर 2024 तक 365 दिनों के बॉण्ड पीरियड के लिए हुई थी। सेवा के दौरान डॉक्टर गर्भवती हुईं और उन्होंने मई 2024 से सितंबर 2024 तक मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन किया। जून 2024 में उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया।
जब उन्होंने दोबारा ड्यूटी जॉइन करने की अनुमति मांगी, तो चिकित्सा शिक्षा विभाग ने उनके अवकाश को बॉण्ड का उल्लंघन माना और उन पर 23.58 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया। विभाग का तर्क था कि बॉण्ड सेवा के नियमों में मातृत्व अवकाश का कोई प्रावधान नहीं है।
‘ब्रेक इन सर्विस’ नहीं मातृत्व अवकाश
दोनों पक्षों की दलीलों के बाद हाई कोर्ट ने सरकार के इस रुख को खारिज करते हुए कहा कि कोई भी बॉण्ड या अनुबंध उस मौलिक अधिकार से ऊपर नहीं हो सकता जो एक महिला को मातृत्व का अधिकार देता है। अदालत ने कहा कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद मां और बच्चे का साथ न केवल मां की गरिमा बल्कि बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी अनिवार्य है।
यह भी पढ़ें – वर्ल्ड क्लास बन रहा नागपुर रेलवे स्टेशन! 487 करोड़ के प्रोजेक्ट ने पकड़ी ‘वंदे भारत’ जैसी रफ्तार, जानें खासियत
कोर्ट ने फैसले में कहा कि मातृत्व अवकाश की अवधि को ‘ड्यूटी पीरियड’ माना जाना चाहिए। नियोक्ता का यह कर्तव्य है कि वह एक महिला द्वारा गर्भावस्था के दौरान और बच्चे के जन्म के बाद महसूस की जाने वाली शारीरिक कठिनाइयों के प्रति संवेदनशील रहे। सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों के अनुसार, मातृत्व अधिकारों को किसी भी सेवा नियम द्वारा नहीं रोका जा सकता।
अदालत का आदेश
- 6 जनवरी 2025 को जारी जुर्माने के आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है।
- यदि डॉक्टर से जुर्माना वसूला जा चुका है, तो उसे 4 महीने के भीतर वापस किया जाए।
- याचिकाकर्ता को मातृत्व अवकाश की अवधि का वेतन भी दिया जाए।
- डॉक्टर को अपना बॉण्ड पीरियड पूरा करने की अनुमति दी जाए और उनके अवकाश को कार्य अवधि का हिस्सा माना जाए।
Nagpur hc maternity leave fundamental right doctor fine cancelled
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से मिली पहचान, ‘महारानी’ से मिला सम्मान, जानिए हुमा कुरैशी के करियर के बड़े पड़ाव
Jul 28, 2026 | 06:38 AMLIVEआज की ताजा खबर 28 जुलाई LIVE: नीलाद्रि बिजे अनुष्ठान के साथ संपन्न हुई 2026 की जगन्नाथ रथ यात्रा
Jul 28, 2026 | 06:22 AMBirthday Horoscope: किन राशि को मिलेंगे शिक्षा, नौकरी और दांपत्य जीवन के नए अवसर, जानें आज का जन्मदिन राशिफल
Jul 28, 2026 | 06:15 AMAyesha Jhulka Birthday: ‘पहला नशा’ से रातोंरात बनीं स्टार, फिर एक विवाद ने बदल दी आयशा जुल्का की पूरी जिंदगी
Jul 28, 2026 | 06:05 AMAmazon Great Freedom Sale 2026 का ऐलान, 7 अगस्त से शुरू होगी मेगा सेल, स्मार्टफोन से लेकर लैपटॉप तक बड़ी छूट
Jul 28, 2026 | 04:24 AMAaj Ka Rashifal: वृषभ और तुला का जागेगा भाग्य, मकर को होगा धन लाभ, जानें सभी राशियों का भविष्यफल
Jul 28, 2026 | 12:05 AMछिंदवाड़ा में जंतर-मंतर जैसे हालात; एसएके नर्सिंग कॉलेज की 60 छात्राएं न्याय की लड़ाई में सड़क पर उतरीं
Jul 27, 2026 | 11:59 PMवीडियो गैलरी

Datia By Election; पीसी शर्मा का शिवराज पर बड़ा हमला, बोले— असली डकैत तो बीजेपी वाले हैं, देखें VIDEO
Jul 27, 2026 | 10:37 PM
ट्रक ड्राइवरों से लिफ्ट लेकर ट्रेनिंग जाती थीं मीराबाई चानू, कॉमनवेल्थ गेम्स में रचा इतिहास, देखें VIDEO
Jul 27, 2026 | 10:27 PM
हंगामे के बीच संसद में पेश हुआ नया बिल, अब नकल माफियाओं पर कसेगा शिकंजा! देखें VIDEO
Jul 27, 2026 | 10:22 PM
स्कूल में 5 साल के मासूम ने की पैंट में किया पेशाब, तो टीचर ने लाइटर से जला डाला प्राइवेट पार्ट! देखें VIDEO
Jul 27, 2026 | 09:45 PM
दतिया उपचुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर! BJP पार्षद के घर में लगी सेंध, बेटी ने थामा कांग्रेस का हाथ- VIDEO
Jul 27, 2026 | 09:37 PM
वाराणसी की दालमंडी में फिर चला बुलडोजर, 180 निर्माण हुए जमींदोज; लंगड़ा हाफिज मस्जिद पर कार्रवाई शुरू- VIDEO
Jul 27, 2026 | 09:12 PM














