प्रकाश आंबेडकर के हाथों से जाएगा बंगला? पात्रता पर उठे सवाल, हाई कोर्ट ने MHADA को दिए जांच के आदेश

Prakash Ambedkar MHADA Case: म्हाडा बंगला आवंटन मामले में प्रकाश आंबेडकर की बढ़ी मुश्किलें! हाई कोर्ट ने पात्रता जांच के दिए आदेश। नियम 9(1A) बनेगा बड़ी अड़चन? यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Bombay High Court orders MHADA to verify Prakash Ambedkar's eligibility in a 2002 bungalow scheme. If found ineligible, the waitlist candidate gets priority.
प्रकाश आंबेडकर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

High Court Nagpur Bench: म्हाडा बंगला आवंटन मामले में विनायक महादेव कटरे द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश अनिल किल्लोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) को निर्देश दिया है कि वह उमरी उमरखेड़ की ‘एचआईजी बंगला योजना 2002’ के तहत आवास आवंटन के लिए प्रकाश आंबेडकर की पात्रता की प्राथमिकता से जांच करे।

हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि वे अपात्र पाए जाते हैं तो प्रतीक्षा सूची में पहले स्थान पर मौजूद याचिकाकर्ता के दावे पर विचार किया जाए।

पहले से अचल सम्पत्ति मौजूद

इस योजना की प्रतीक्षा सूची में नंबर 1 पर स्थित याचिकाकर्ता कटरे ने अदालत से मांग की थी कि म्हाडा को प्रतीक्षा सूची आगे बढ़ाने के निर्देश दिए जाएं। याचिकाकर्ता का मुख्य तर्क यह है कि प्रकाश यशवंत आंबेडकर इस आवंटन के लिए पात्र नहीं हैं क्योंकि उनके पास पहले से ही नगरपालिका क्षेत्र में अचल संपत्ति मौजूद है। याचिका में म्हाडा विनियम, 1981 के नियम 9(1A) का हवाला दिया गया है। इस नियम के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति, उसके जीवनसाथी या उसके नाबालिग बच्चों के नाम पर संबंधित नगरपालिका क्षेत्र में पहले से ही कोई घर, फ्लैट या आवासीय भूखंड (प्लॉट) है तो वह व्यक्ति म्हाडा के आवास के लिए आवेदन करने का पात्र नहीं माना जाएगा।

जिला उपभोक्ता फोरम ने दिया है आदेश

सुनवाई के दौरान म्हाडा और प्रकाश आंबेडकर के वकीलों ने इस तथ्य को स्वीकार किया कि आंबेडकर के पास नगरपालिका क्षेत्र में एक खुला भूखंड है। हालांकि म्हाडा की ओर से बताया गया कि अतिरिक्त शुल्कों को लेकर आंबेडकर द्वारा दायर शिकायत के बाद जिला उपभोक्ता फोरम ने उनके पक्ष में आदेश दिया था जिसे वर्तमान में राज्य आयोग में चुनौती दी गई है और इसी कारण आवंटन प्रक्रिया रुकी हुई है।

दोनों पक्षों की दलीलों के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि चूंकि अब तक आधिकारिक तौर पर आवंटन नहीं किया गया है, इसलिए म्हाडा सबसे पहले नियम 9(1A) के तहत प्रकाश आंबेडकर की पात्रता तय करे।

यदि आंबेडकर अपात्र पाए जाते हैं तो म्हाडा को 3 सप्ताह के भीतर प्रतीक्षा सूची में पहले नंबर पर मौजूद विनायक कटरे की पात्रता की जांच कर उन्हें बंगला आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। कोर्ट ने म्हाडा को निर्देश दिया है कि वह इस निर्णय पर पहुंचने से पहले याचिकाकर्ता और प्रकाश आंबेडकर दोनों पक्षों को सुनने का अवसर दे सकती है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com