Amarnath Yatra 2026: यात्रियों को मिलेंगे QR कोड पहचान पत्र, अमित शाह की बैठक में बड़ा फैसला

Amarnath Yatra 2026: अमित शाह ने सुरक्षा समीक्षा बैठक में ड्रोन निगरानी, बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड,आधुनिक सर्विलांस सिस्टम और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश दिए।
Amarnath Yatra 2026: Pilgrims to receive QR code identity cards; major decision taken at Amit Shah's meeting
अमित शाह, मनोज सिन्हा और अजित डोभाल, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Amit Shah Security For Amarnath Yatra 2026: केंद्रिय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार नेतृत्व में अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों को बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।

इस दौरान यात्रा मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल, स्वास्थ्य सेवाओं, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से बहुस्तरीय अभेद्य सुरक्षा ग्रिड तैयार किया जाएगा। मौसम के अनुसार यात्रियों की आवाजाही और स्थानीय लोगों के पंजीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया।

ड्रोन और सीसीटीवी से होगी चौबीसों घंटे निगरानी

सुरक्षा व्यवस्था को ज्यादा मजबूत बनाने के लिए ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, आधुनिक सर्विलांस सिस्टम और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। साथ ही पारंपरिक सुरक्षा तंत्र को भी और मजबूत किया जाएगा।

 स्वास्थ्य, आवास और आपदा प्रबंधन पर फोकस

गृह मंत्री अमित शाह ने निर्देश दिया कि यात्रा के दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न शिविर स्थलों पर मौजूद रहकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करें। इसके अलावा श्रद्धालुओं के पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन जैसी सभी जरूरी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

क्यूआर कोड पहचान पत्र जारी किए जाएंगे

बैठक में यह भी तय किया गया कि यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों और यात्रा में उपयोग होने वाले पशुओं का पंजीकरण किया जाएगा। सभी को क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे। मौसम को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के जत्थों को आगे बढ़ाने की व्यवस्था की जाएगी।

मौसम के अनुसार यात्रा

मौसम की स्थिति और पूर्वानुमान के आधार पर ही यात्रियों को आगे जाने की अनुमति मिलेगी। साथ ही अमरनाथ यात्रा मार्ग के अलावा जम्मू-कश्मीर के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।

3 जुलाई से शुरू होगी यात्रा

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी और 9 अगस्त यानी रक्षाबंधन के दिन इसका समापन होगा। यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है, जिसे श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और अधिकृत बैंकों के माध्यम से कराया जा सकता है।

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