AI-171 विमान हादसे का 1 साल, 260 लोगों की मौत के बीच अकेले जिंदा बचे थे विश्वास; अब झेल रहे हैं ये बड़ा संकट

AI-171 Crash: अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के भीषण हादसे को एक साल पूरा हो गया है। इस दुर्घटना में इकलौते जीवित बचे विश्वास कुमार रमेश आज भी मानसिक और आर्थिक तंगी से जूझ रहें।
One year since the AI-171 plane crash: Vishwas was the sole survivor among 260 fatalities; now he is facing a major crisis.
एआई-171 विमान हादसे में एकमात्र जीवित बचे विश्वास रमेश कुमार(सोर्स- सोशल मीडिया)
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 AI-171 Plane Crash Sole Survivor Of Vishwas Kumar Ramesh: एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटना को 12 जून 2026 को एक साल पूरा हो गया। 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरने वाली यह फ्लाइट टेकऑफ के महज 32 सेकेंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल और कैंटीन की इमारत से टकरा गया था, जिससे विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी। जमीन पर भी 19 लोग इसके मलबे के चपेट में आए थे।

इस भीषण हादसे में विश्वास कुमार रमेश एकमात्र यात्री थे जो जीवित बच सके। हालांकि एक साल बाद भी वह उस भयावह घटना की यादों से उबर नहीं पाए हैं और मानसिक, शारीरिक तथा आर्थिक संघर्ष का सामना कर रहे हैं।

32 सेकेंड में तबाह हो गई थी पूरी उड़ान

बता दें कि एयर इंडिया की इस फ्लाइट को उड़ान भरने के 32 सेकेंड बाद ही फ्लाईट एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल और कैंटीन की छत पे जा गिरा में 242 लोग सवार थे। जिसमें से कई छोटे -छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे, इस हादसे में 241 लोगों की मौत हो गयी थी। जबकि जमीन पर 19 लोग इसके मलबे की चपेट में मारे गए थे। इस भीषण दुर्घटना में कुल 260 लोगों की जान गई थी।

विमान हादसे में जिंदा बचे विश्वास

इतने बड़े विमान हादसे के बाद रमेश ही इकलौते व्यक्ति थे जो मौत के मूंह से बाहर निकले थे। विमान हादसे  के बाद एक तस्विर पूरे देश -दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई थी। उस तस्वीर में कोई और नहीं बल्कि 39 साल की उम्र के रमेश कुमार थे जो खून से लथपथ टी- शर्ट पहने और हाथ में मोबाईल लिए विमान के मलबे से पैदल जाते दिख रहे थे। इस दुर्घटना में उन्होंने भाई अजय को हमेशा के लिए खो दिया था। हालांकि विश्वास अब ब्रिटेन के लीसेस्टर में अपने परिवार के साथ रहते हैं। मानसिक और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं विश्वास

विश्वास ने बताया कि लोग उनकों जिन्दा देखकर बहुत खुश होते हैं, लेकिन उनके अंदर के चुनौति को कोई नहीं देख पाता है। इतना ही नहीं रमेश बताते हैं कि वे अब भी शारीरिक और मानसिक परेशानी के साथ-साथ आर्थिक तंगी से भी जूझते आ रहें हैं। हालांकि वे इस हादसे के बाद अपने परिवार के लिए सहारा बनने का प्रयास कर रहें हैं, लेकिन उस पल की यादों से उनका पिछा नहीं छुट पा रहा।

मदद के लिए सामने आई ब्रिटेन की कानूनी संस्था

दरअसल विश्वास कि आर्थिक मदद के लिए ब्रिटेन की एक कानूनी संस्था 'हडजेल सॉलिसिटर्स' काम कर रही है। बता दें की यह संस्था उनके मुआवजे और अन्य दावों को लेकर एअर इंडिया के प्रतिनिधियों से लगातार बातचीत कर रही है। जिसके बाद एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा है कि कंपनी इस विमान हादसे से प्रभावित सभी लोगों की पूरी संवेदनशीलता के साथ मदद करने के लिए तैयार है।

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