Varanasi कचहरी में हाईवोल्टेज ड्रामा: जज की कुर्सी पर बैठकर महिला ने वकीलों से मांगे गवाह और सबूत

Varanasi Court: उत्तर प्रदेश के वाराणसी कचहरी में आज हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। जहां एक महिला ने जिला जज की कुर्सी पर बैठ कर वकीलों से कहा कि आज जिला जज मैं हूं और मुकदमों की सुनवाई शुरू की जाए।
Woman Sits on Judge’s Chair, Sparks Chaos in Varanasi Court
वाराणसी कोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Woman in Varanasi Courtroom: शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी की कचहरी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक महिला ने जिला जज की कुर्सी पर अपना कब्जा कर लिया। महिला मुकदमों की फाइलें उठाकर सुनवाई करने लगी। उसने कई बार हैमर भी पटका। महिला ने अधिवक्ताओं से कहा कि वे मुकदमों की सुनवाई शुरू करें और गवाह व सबूत पेश करे। हालांकि महिला को काफी मशक्कत के बाद जज की कुर्सी से उतरवाया गया।

आज जिला जज मैं हूं

दरअसल शुक्रवार को जिला जज अवकाश पर थे। उस दौरान सुबह 10 बजे एक महिला अदालत में घुस गई और जज की कुर्सी पर बैठकर हैमर पटकने लगी। उसने वकीलों से कहा कि आज जिला जज मैं हूं "मुकदमों की सुनवाई शुरू करें आप लोग गवाह और सबूत पेश किजिए" इतना कहने के बाद महिला मुकदमों की फाइलें देखने लगी। इसके बाद मौके पर हड़कंप मच गया।

वकीलों ने सुरक्षा कर्मियों को आवाज लगाई लेकिन वे सब मौके से गायब थे जिसके बाद वकीलों ने कैंट पुलिस को मामलें की सूचना दी। कुछ ही देर में मौके पर पुलिस पहुंची और मोर्चा संभाला। पुलिस कर्मियों ने महिला को कुर्सी से उतरने के लिए कहा तो काफी हंगामा खड़ा हो गया।

मानसिक रूप से बीमार है महिला

दरअसल जज की कुर्सी पर बैठने वाली महिला का नाम वंदना गुप्ता बताया जा रहा है। उनकी उम्र 50 वर्ष है। वह मानसिक रूप से बीमार है। पुलिस ने बताया कि वंदना गुप्ता इसके पहले भी कई बार इस तरह की हरकतें कर चुकी है। जानकारी के मुताबिक मामलें को लेकर पुलिस उससे और उसके परिवार वालों से सख्ती से पूछताछ कर रही है।

मौके पर पहुंचे अपर जिला जज

जैसे ही इस मामलें की जानकारी अपर जिला जज यजुवेंद्र विक्रम सिंह को मिली वे मौके पर पहुंचे। विक्रम सिंह ने वहां मौजूद कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। महिला के हंगामे के बाद जिला जज कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अगर सुरक्षा कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात होते तो ऐसी घटना नहीं होती।