पालक मंत्री बावनकुले की चेतावनी, बिजली कटौती पर प्रशासन जिम्मेदार, ‘पाणंद’ रास्तों की गुणवत्ता से समझौता नहीं

Nagpur News: नागपुर के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बिजली ट्रिपिंग के लिए महावितरण की अनियमितताओं को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने 'पाणंद रास्तों' की गुणवत्ता बनाए रखने के भी सख्त निर्देश दिए।
Guardian Minister Bawankule blames administrative lapses for power tripping in Nagpur. He warned officials against poor road quality and urged better Jan Arogya Yojana implementation.
पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Nagpur Chandrashekhar Bawankule News: नागपुर जिला पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भीषण गर्मी के दौरान हो रही बिजली गुल समस्या के लिए महावितरण की प्रशासकीय अनियमितता को कारण माना है। उन्होंने कहा कि बिजली ट्रिपिंग प्रशासकीय अनियमितताओं के कारण हो रही है और उसमें सुधार के लिए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं। ऊर्जा विभाग इस समस्या को गंभीरता से देख रहा है तथा बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक मजबूत करने के लिए ठोस उपाय किए जा रहे हैं।

वे नागपुर में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ती बिजली ट्रिपिंग की समस्या के पीछे प्रशासनिक अनियमितताएं जिम्मेदार हैं। वायरमैन, तकनीकी विभाग, डिप्टी इंजीनियर तथा एग्जीक्यूटिव इंजीनियर स्तर पर हुईं त्रुटियों के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। राज्य में पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध होने के बावजूद वितरण व्यवस्था की कमियों के कारण नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है, इस पर उन्होंने खेद व्यक्त किया।

इस संबंध में बिजली विभाग के सभी अधिकारियों और इंजीनियरों की बैठक लेने की जानकारी भी उन्होंने दी; साथ ही कहा कि इस संदर्भ में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि महावितरण की नीति के अनुसार दिन में सौर ऊर्जा से तैयार बिजली का उपयोग किया जाता है लेकिन रात में उन यूनिट्स का बेकिंग नहीं होने से ग्राहकों पर बिल का भार आता है।

गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं

राज्य की खेती और किसानों के लिए संजीवनी सिद्ध होने वाली 'मुख्यमंत्री बलिराजा शेत-पाणंद रास्ते योजना' के कार्य अनेक जगहों पर अच्छे तरीके से पूरे हुए हैं लेकिन कुछ क्षेत्रों में अतिक्रमण और आंतरिक विवादों के कारण कार्य लंबित हैं। कुछ सड़कों के काम को लेकर शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं। पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने चेतावनी दी है कि किसी भी परिस्थिति में 'पाणंद रास्तों' के कार्य की गुणवत्ता पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नागपुर स्थित नियोजन भवन में हुई बैठक में उन्होंने उक्त चेतावनी संबंधित अधिकारियों को दी। बैठक में विधायक समीर मेघे, चरणसिंह ठाकुर, संजय मेश्राम, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, जेडपी सीईओ विनायक महामुनी, टेकचंद सावरकर तथा अन्य विभाग प्रमुख उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य हेतु सरकार ने 14 विभिन्न योजनाओं का एकीकरण किया है। इसके अलावा पर्याप्त निधि भी उपलब्ध की गई है।

इसलिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी समझते हुए इस योजना को युद्ध स्तर पर लागू करना चाहिए। जिले की राजस्व सेवा को अधिक मजबूत करने के लिए जल्द ही 100 सर्वेयर नियुक्त किए जाएंगे। समिति को योजना के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेना चाहिए। यदि किसी तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन का सामना करना पड़े तो तत्काल जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने सड़क के दोनों ओर वर्षा ऋतु में पौधारोपण करने के साथ ही बारिश से पूर्व ही अधिक से अधिक 'पाणंद रास्तों' के कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।

जन आरोग्य योजना कार्ड के लिए गांव स्तर तक विशेष अभियान

पालक मंत्री ने जन आरोग्य योजना तथा वय वंदना कार्ड अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए गांव स्तर तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। जिले में इस योजना के लिए 390 अस्पताल पात्र हैं लेकिन केवल 69 अस्पताल पैनल पर हैं इसे उन्होंने उचित नहीं बताया। उन्होंने इस बात पर खेद जताया कि योजना के पात्र मरीजों के उपचार का खर्च सरकार द्वारा वहन किए जाने के बावजूद अनेक अस्पतालों द्वारा उदासीनता दिखाई जा रही है।

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