नागपुर में AI इंस्पेक्टर की एंट्री! भीड़ में खतरा दिखते ही पुलिस को मिलेगा तुरंत अलर्ट

Nagpur News: राज्य का पहला एआई-आधारित क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम शनिवार को नागपुर में लॉन्च किया गया है। यह पहल सार्वजनिक सुरक्षा और रियल-टाइम क्राउड इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Nagpur News: राज्य का पहला एआई-आधारित क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम शनिवार को नागपुर में लॉन्च किया गया है। यह पहल सार्वजनिक सुरक्षा और रियल-टाइम क्राउड इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नागपुर पुलिस (सौजन्य-नवभारत)
Published on
Updated on

Nagpur Latest News: नागपुर शहर पुलिस द्वारा शुरू की गई इस प्रणाली का उद्देश्य भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा को बेहतर बनाना और संभावित खतरों का पूर्वानुमान करना है। विधानमंडल का शीत सत्र शुरू होने के पूर्व पुलिस ने इस प्रणाली को लाया है जिससे मोर्चा और आंदोलन स्थल पर पुलिस को क्राउड मैनेजमेंट करने में विशेष सहयोग मिलेगा।

सीपी रवींद्र कुमार सिंगल के नेतृत्व में और ‘क्लिक2क्लाउड टेक्नोलॉजी सर्विस इंडिया प्रा.लि.’ के सहयोग से यह प्रणाली कार्यान्वित की गई है जिसे माइक्रोसॉफ्ट के तकनीकी समर्थन से सुसज्जित किया गया है। नागपुर में शीत सत्र, गणेश विसर्जन, दीक्षाभूमि के कार्यक्रम, क्रिकेट मैच और वीआईपी मूवमेंट जैसे आयोजनों को देखते हुए, एआई-सक्षम क्राउड मैनेजमेंट की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही थी।

यह नया क्राउड मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म एआई निरीक्षक के नाम से जाना जाएगा जो अत्याधुनिक कम्प्यूटर विजन, एआई वीडियो एनालिटिक्स, हीट मैपिंग और रियल-टाइम निगरानी के माध्यम से भीड़ की स्थिति का विश्लेषण करता है और किसी भी खतरे के संकेत मिलने पर तुरंत पुलिस को अलर्ट करता है।

तकनीकी क्षेत्र में आदर्श साबित होगा

सीपी सिंगल ने शनिवार को कमांड कंट्रोल सेंटर में भेट देकर इस नये उपक्रम का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य महाराष्ट्र को एआई-आधारित क्राउड मैनेजमेंट में राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व प्रदान करना है। नागपुर से इस पहल की शुरुआत की गई है और हम इसे राज्य के अन्य शहरों में भी लागू करेंगे। इस नई प्रणाली के साथ नागपुर पुलिस ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए तकनीकी क्षेत्र में एक नई दिशा दिखाई है जो अन्य शहरों के लिए एक आदर्श साबित हो सकता है।

मुख्य विशेषताएं :

एआई-सक्षम क्राउड डेंसिटी डिटेक्शन : यह प्रणाली सीसीटीवी, मोबाइल वैन, ड्रोन और अन्य डिजिटल स्रोतों से डेटा एकत्र करके भीड़ की घनता का अनुमान लगाती है। इसके माध्यम से संभावित भीड़ का पूर्वानुमान भी किया जा सकता है।

रिस्क फ्लैग अलर्ट्स : चाकू, बंदूक जैसे धारदार हथियारों की पहचान और असामान्य गतिविधियों पर त्वरित अलर्ट। संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर पुलिस को सूचित किया जाता है।

फेशियल रिकग्निशन और ऑब्जेक्ट-बेस्ड अलर्ट्स : वॉचलिस्ट पर रखे गए व्यक्तियों की पहचान होते ही अलर्ट भेजे जाते हैं। छोड़ी गई थैलियों, प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश, बैरिकेड पार करने के प्रयास जैसी गतिविधियों की पहचान की जाती है।

पुलिस एआई एजेंट–चैटबोट : एफआईआर, संदिग्धों और वाहन इतिहास की त्वरित डिजिटल खोज के साथ घटनाओं का विश्लेषण करने में सहायता।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com