विधायक संजय मेश्राम को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, मतदान केंद्र में बाधा डालने का मामला पूरी तरह रद्द

Sanjay Meshram Umred MLA: उमरेड विधायक संजय मेश्राम को हाई कोर्ट से राहत। मतदान केंद्र में बाधा डालने का मामला रद्द। न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फालके की खंडपीठ का फैसला।
Sanjay Meshram Umred MLA High Court Nagpur decision
संजय मेश्राम (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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High Court Nagpur Decision: उमरेड विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय मेश्राम को उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली। मतदान केंद्र में प्रवेश कर शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में उनके खिलाफ दर्ज अपराध को उच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फालके और न्यायमूर्ति नंदेश देशपांडे की खंडपीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई।

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मतदान के दौरान उमरेड निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर मतदान प्रक्रिया धीमी गति से चल रही थी। इसके कारण मतदाताओं की लंबी कतारें लग गई थीं। इस स्थिति का जायजा लेने के लिए विधायक मेश्राम वहां पहुंचे थे। उन्होंने चुनाव अधिकारियों से चर्चा कर मतदान प्रक्रिया को तेज करने का अनुरोध किया था।

हालांकि यह आरोप लगाया गया कि मेश्राम समर्थकों के साथ मतदान केंद्र में दाखिल हुए, मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्डिंग की और शासकीय कामकाज में बाधा डाली। इसी आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

प्रशासन की ओर से ठोस शिकायत नहीं

संजय मेश्राम ने इस मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने टिप्पणी की कि संबंधित चुनाव अधिकारी या अधिकृत प्रशासनिक तंत्र की ओर से कोई ठोस शिकायत सामने नहीं आई है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदान में खामियों या प्रक्रिया की सुस्ती को लेकर उम्मीदवार द्वारा शिकायत करना मतदाताओं पर “अनुचित प्रभाव” डालने की श्रेणी में नहीं आता।

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुसार, मतदान केंद्र से बाहर निकाले जाने के बाद बिना अनुमति दोबारा प्रवेश किए जाने का कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। इसी कारण न्यायालय ने दर्ज अपराध को रद्द करने का आदेश दिया।

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